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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Khagaria News: बूढ़ी गंडक नदी पर कब बनेगा पुल, कब इंतजार की घड़ी होगी समाप्त?

    Updated: Sat, 26 Apr 2025 02:06 PM (IST)

    Khagaria News खगड़िया जिले में बूढ़ी गंडक नदी पर पुल निर्माण का प्रस्ताव दो वर्ष पूर्व दिया गया था लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे कि ...और पढ़ें

    बूढ़ी गंडक नदी पर कब बनेगा पुल (जागरण)
    बूढ़ी गंडक नदी पर कब बनेगा पुल (जागरण)

    HighLights

    1. बूढ़ी गंडक दियारा में आधे दर्जन पंचायतों की है खेती-बाड़ी
    2. 20 किलोमीटर में खगड़िया जिले में बूढ़ी गंडक का प्रवाह क्षेत्र

    शंकर झा,  खगड़िया। Khagaria News: खगड़िया जिले में बूढ़ी गंडक का प्रवाह क्षेत्र 20 किलोमीटर में है। जिले के महेशखूंट पंचायत अंतर्गत बन्नी में बूढ़ी गंडक नदी पर पुल निर्माण का प्रस्ताव दो वर्ष पहले स्थानीय विधायक पन्नालाल सिंह पटेल के द्वारा दिया गया था।

    परंतु आज तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जिससे किसानों और स्थानीय निवासियों में गहरी निराशा व्याप्त है।

    मालूम हो कि बन्नी, समसपुर, झिकटिया, बौरना, पूर्वी ठाठा, फर्रेह, महेशखूंट और मदारपुर पंचायत की जमीन, जो पहले नदी की मुख्य धारा का हिस्सा थी, अब दियारा क्षेत्र में तब्दील हो चुकी है। हजारों एकड़ जमीन में खेती-बाड़ी होती है। पशुपालक यहां बासा बनाकर पशुपालन भी करते हैं। नदी का प्रवाह बदलने के बाद वहां पहुंचने के लिए बूढ़ी गंडक पार करना पड़ता है।

    बूढ़ी गंडक पार कर ही किसान और पशुपालक प्रतिदिन दियारा पहुंचते हैं। पुल नहीं रहने के कारण आवागमन में कठिनाई होती है। इतना ही नहीं पुलिस प्रशासन के लिए भी अपराध नियंत्रण में समस्या बढ़ गई है।

    चैधा निवासी किसान श्रीशचंद्र सिंह, समसपुर के नित्यानंद चौधरी, बन्नी के जलधर सिंह, पतला के ललन सिंह, बौरना के धीरेंद्र नारायण सिंह आदि ने कहा कि, क्षेत्र के किसानों की हजारों एकड़ जमीन इस दियारा क्षेत्र में हैं। पुल न होने से किसानों को खेती-बाड़ी के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

    पुल नहीं रहने से नाव ही आवागमन का मुख्य साधन है। किसानों को दियारा से तैयार फसल को लाने में भारी कठिनाई होती है। कृषि लागत खर्च इससे बढ़ जाती है। इंसेट अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना दियारा क्षेत्र पुल के अभाव में दियारा क्षेत्र अपराधियों के लिए सुरक्षित स्थान बन गया है। पुलिस प्रशासन को भी वहां पहुंचने में कठिनाई होती है।

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    जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। यह दियारा मुंगेर जिला का सीमावर्ती भी है। इस संदर्भ में बेलदौर विधायक पन्नालाल सिंह पटेल ने कहा कि, बन्नी बूढ़ी गंडक नदी पर पुल का प्रस्ताव दिया जा चुका है। ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल गोगरी से इसे पटना भेजा गया है। डीपीआर की प्रक्रिया में है। बेलदौर विधानसभा क्षेत्र में आठ पुल-पुलियों का निर्माण होना है।