कटिहार में तीन दिन में कई मौतें, फिर भी बिना नंबर प्लेट की बसें और बाइक सड़कों पर बेखौफ, कार्रवाई कब
कटिहार में यातायात नियमों का उल्लंघन, खासकर बिना नंबर प्लेट वाली बसों और ओवरलोडिंग पर, गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
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शहर की सड़क पर बिना नंबर प्लेट की दो चक्का वाहन.जागरण
HighLights
कटिहार में बिना नंबर प्लेट की बसें बेखौफ दौड़ रहीं।
क्षमता से अधिक यात्री और सामान ढोया जा रहा है।
हालिया सड़क हादसों में कई लोगों की दर्दनाक मौत हुई।
राजीव चौधरी, कटिहार। सड़क पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले छोटे वाहन चालकों के खिलाफ परिवहन विभाग और यातायात पुलिस समय-समय पर सख्ती बरतती है, और नियमों की अनदेखी पर जुर्माना भी वसूला जाता है।
लेकिन, सार्वजनिक परिवहन में इस्तेमाल होने वाली बसों और बड़े वाहनों के परिचालन में जिस तरह से नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, उसने विभागीय निगरानी और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिले के कई मार्गों पर कहीं बसों की छत पर क्षमता से अधिक सामान लादकर ढुलाई की जा रही है, तो कहीं निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को ठूंसकर बैठाया जा रहा है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि कुछ वाहन बिना नंबर प्लेट के ही सड़कों पर खुलेआम दौड़ रहे हैं, और इसके बावजूद संबंधित संचालकों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
बिना नंबर प्लेट के दौड़ रही बस
कटिहार से फलका के बीच चलने वाली 'हर्षराज ट्रेवल्स' की एक बस इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। बताया जा रहा है कि उक्त बस पिछले एक सप्ताह से लगातार इस निर्धारित मार्ग पर यात्रियों को ढो रही है, लेकिन उस पर अब तक नंबर प्लेट नहीं लगाई गई है।

बिना नंबर प्लेट के बस का परिचालन होने से वाहन की पहचान और परिवहन नियमों के अनुपालन को लेकर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। इस संबंध में जब हर्षराज ट्रेवल्स के संचालक बम-बम यादव से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि बस का रजिस्ट्रेशन कराया जा चुका है।
जल्द ही उस पर नंबर प्लेट लगा दी जाएगी। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि जब तक सभी आवश्यक दस्तावेज और कानूनी नियम पूरे नहीं होते, तब तक किसी यात्री बस का सड़क पर परिचालन कैसे किया जा रहा है।
कई बसों में फर्स्ट एड किट नहीं
यात्री सुरक्षा से जुड़ा एक अन्य गंभीर पहलू यह है कि शहर और आसपास के ग्रामीण मार्गों पर चलने वाली कई बसों में 'प्राथमिक उपचार किट' (First Aid Kit) तक उपलब्ध नहीं है।
लंबी या छोटी दूरी की यात्रा के दौरान यदि किसी यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ जाती है या कोई अप्रिय दुर्घटना घट जाती है, तो ऐसे में प्राथमिक उपचार की तत्काल सुविधा न मिलने के कारण पीड़ित की परेशानी कई गुना बढ़ सकती है। यह स्थिति वाहन स्वामियों की लापरवाही के साथ-साथ परिवहन नियमों के प्रति विभाग की उदासीनता को दर्शाती है।
आईजी के निर्देश कार्रवाई का इंतजार
सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने के उद्देश्य से नोडल आईजी जयंतकांत ने पूर्व में यह स्पष्ट निर्देश दिया था कि बिना नंबर प्लेट सड़कों पर चलने वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्ती बरती जाए।
इसके बावजूद कटिहार शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बिना नंबर प्लेट की बाइक और अन्य वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। इस तरह के वाहनों का बेखौफ परिचालन यह साबित करता है।
उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बाद भी मैदानी स्तर पर पुलिस और परिवहन विभाग की निगरानी कितनी कमजोर है, जो कार्रवाई की प्रभावशीलता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
सड़क हादसों में मौतों नहीं चेता प्रशासन
जिले में पिछले तीन दिनों के भीतर अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की दर्दनाक मौत से पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल है। अकेले पोठिया क्षेत्र में दो दिनों के दौरान चार लोगों की जान गई, जबकि कुरसेला में एक और अमदाबाद में दो लोगों की मौत की सूचना सामने आई है।
इन लगातार हो रही त्रासदियों के बीच भी सड़कों पर नियमों को ताक पर रखकर बिना नंबर प्लेट की बसें और बाइकें दौड़ रही हैं। यातायात नियमों के इस खुले उल्लंघन पर प्रभावी रोक न लगना विभागीय लापरवाही को उजागर करता है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
बढ़ते सड़क हादसों और नियमों की अनदेखी के इस मामले पर जब अधिकारियों से पक्ष जानना चाहा गया, तो जिला परिवहन पदाधिकारी डेजी रानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई भी वाहन बिना रजिस्ट्रेशन के सड़क पर परिचालित होता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि वाहन चाहे छोटा हो या बड़ा, यातायात के नियम सभी के लिए पूरी तरह समान हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि बसों के परिचालन की विशेष जांच कराई जाएगी और नियमों की अवहेलना करने वाले किसी भी संचालक को बख्शा नहीं जाएगा।
