आतंकी नेटवर्क के निशाने पर कटिहार, युवाओं को सॉफ्ट टारगेट बना रहे सीमा पार के हैंडलर
कटिहार सीमा पार आतंकी नेटवर्क के निशाने पर आ गया है, जहां स्थानीय युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए सॉफ्ट टारगेट बनाया जा रहा है। हालिया गिरफ्तारियों और क ...और पढ़ें

आतंकी नेटवर्क के निशाने पर कटिहार (AI Generated Image)
HighLights
कटिहार सीमा पार आतंकी नेटवर्क के निशाने पर।
स्थानीय युवाओं को सोशल मीडिया से बनाया जा रहा निशाना।
हालिया गिरफ्तारियों से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी।
संवाद सहयोगी, कटिहार। सीमा पार नेटवर्क और आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामलों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कटिहार का नाम लगातार सामने आता रहा है। विभिन्न केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई और हालिया गिरफ्तारियां इस ओर संकेत कर रही हैं कि सीमांचल का यह इलाका आतंकी संगठनों और पाकिस्तान आधारित नेटवर्क की नजर में है।
सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि स्थानीय युवाओं को सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए सॉफ्ट टारगेट बनाया जा रहा है। इसी वर्ष अप्रैल में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मनिहारी थाना क्षेत्र के नवाबगंज बालू टोला से एक युवक को गिरफ्तार किया था।
इसके महज दो माह बाद ही जुलाई में कोढ़ा थाना क्षेत्र के मुसापुर गांव से मो. अहद की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मो. अहद सीमांचल में इस नेटवर्क के लिए स्थानीय लाइनर (लोकल संपर्क सूत्र) के रूप में काम कर रहा था। उस पर भारत विरोधी और सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल करने, संवेदनशील स्थानों की जानकारी साझा करने तथा स्थानीय युवाओं को पाकिस्तानी व्हॉट्सएप चैनलों से जोड़ने का प्रयास करने का आरोप है।
उसके मोबाइल फोन, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की जा रही है। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया तो सीमांचल के अन्य जिलों के युवा भी इनके निशाने पर आ सकते हैं।
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सोशल मीडिया के माध्यम से ब्रेनवाश कर युवाओं को अपने प्रभाव में लेने की रणनीति लंबे समय से अपनाई जा रही है। कटिहार में इससे पहले भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कई बार कार्रवाई कर चुकी है। पिछले वर्ष सितंबर में सेमापुर थाना क्षेत्र के सुखासन, दुर्गापुर और बालूघाट में एनआईए ने टेरर फंडिंग और पुलवामा कनेक्शन मामले में छापामारी की थी।
इस दौरान सुखासन गांव से इकबाल नामक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया था तथा रिजाबुल समेत अन्य लोगों के परिसरों की तलाशी ली गई थी। वर्ष 2023 में भी फुलवारी शरीफ टेरर मॉड्यूल और प्रतिबंधित पीएफआई से जुड़े मामले में एनआईए ने हसनगंज थाना क्षेत्र के यूसुफ टोला में छापामारी की थी।
जांच के दौरान प्रतिबंधित संगठन से जुड़े मो. नदवी के करीबियों के ठिकानों की तलाशी ली गई थी। इसके अलावा कुछ वर्ष पूर्व कटिहार शहर के शहीद चौक से कश्मीर के एक युवक को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार उसके पिता के आतंकी संगठन से जुड़े होने की बात सामने आई थी।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ा दी है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं सीमांचल में सीमा पार नेटवर्क की कोई संगठित जड़ तो नहीं बन रही है और क्या स्थानीय युवाओं को सुनियोजित तरीके से कट्टरपंथी नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल मो. अहद की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।