जमुई: मां का अस्थि विसर्जन करने गंगा में उतरा था बेटा, पैर फिसलने से मौत; 3 बेटियों के सिर से उठा साया
झाझा के सिंटू वर्णवाल की मोकामा गंगा घाट पर मां की अस्थियां विसर्जित करते समय डूबने से मौत हो गई। 11 दिन पहले मां के निधन के बाद परिवार पर यह दूसरा बड ...और पढ़ें

मां की अस्थियां विसर्जित करने गए बेटे की गंगा में डूबने से मौत (AI Generated Image)
HighLights
सिंटू वर्णवाल की मोकामा गंगा घाट पर डूबने से मौत हुई।
मां की अस्थियां विसर्जित करने के दौरान हुआ यह हादसा।
झाझा में परिवार और पूरे नगर में शोक की लहर।
संवाद सूत्र, झाझा (जमुई)। मां की अस्थि विसर्जन के लिए मोकामा गंगा घाट गए पुत्र की गंगा में डूबने से मौत हो गई। मां की मौत के शोक में डूबे स्वजनों पर पुत्र की मौत से दोहरा दुख टूट पड़ा। घटना के बाद झाझा के पुरानी बाजार समेत पूरे नगर में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतक की पहचान पुरानी बाजार निवासी सिंटू वर्णवाल (44) के रूप में हुई है। सिंटू अपने पीछे पत्नी मीनू कुमारी और तीन पुत्रियों को छोड़ गए हैं।
बताया जाता है कि 11 दिन पहले सिंटू वर्णवाल की मां पार्वती देवी का निधन हो गया था। उनका दाह संस्कार झाझा में किया गया था। 10वें दिन सिंटू अपने जीजा चंद्रकिशोर वर्णवाल के साथ मां की अस्थियों को गंगा में विसर्जित करने के लिए ट्रेन से मोकामा गंगा घाट गए थे।
मोकामा गंगा घाट पहुंचने के बाद सिंटू के जीजा ने पहले गंगा में स्नान कर मां की अस्थियों को गंगा में विसर्जित किया, इसके बाद सिंटू भी गंगा में स्नान करने के लिए उतरे। इसी दौरान पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चले गए और डूब गए।
शोर मचने पर गंगा किनारे मौजूद गोताखोरों ने काफी प्रयास के बाद सिंटू के शव को पानी से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने पर मोकामा पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद स्वजनों को सौंप दिया।
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बताया जाता है कि सिंटू अपने पांच भाइयों के साथ झाझा बस स्टैंड में मिष्ठान की दुकान चलाते थे। घटना की खबर झाझा पहुंचते ही पुरानी बाजार सहित पूरे नगर में शोक की लहर दौड़ गई। सिंटू की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
वहीं, तीन पुत्रियों के सिर से पिता का साया उठ जाने से परिवार में मातम पसरा हुआ है। महज 11 दिनों के अंदर मां और पुत्र की मौत की घटना से हर कोई स्तब्ध है। घटना की चर्चा पूरे नगर में हो रही है।