विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Nitish Kumar: जांघ पर मारा हाथ और दे दी नीतीश को खुली चुनौती, अपने अक्खड़पन के लिए 'फेमस' था ये नेता

Updated: Sat, 23 Mar 2024 06:00 AM (IST)

चुनाव के दौरान कई ऐसे वाकये भी आते हैं जो हमेशा याद किए जाते हैं। ऐसा ही एक वाकया 2014 के लोकसभा चुनाव में देखने को मिला। एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ ...और पढ़ें

जब नरेंद्र सिंह ने नीतीश के ही मंच से जदयू प्रत्याशी को दी जमानत जब्त होने की चुनौती। (फाइल फोटो)
जब नरेंद्र सिंह ने नीतीश के ही मंच से जदयू प्रत्याशी को दी जमानत जब्त होने की चुनौती। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. नरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री के समक्ष जदयू प्रत्याशी की जमानत जब्त कराने की दी थी चुनौती
  2. मंच पर मौजूद नीतीश कुमार समेत तमाम नेता हो गए हैरान

संवाद सहयोगी, जमुई। चुनाव के दौरान कई ऐसे वाकये भी आते हैं, जो हमेशा के लिए याद रहते हैं। ऐसा ही एक वाकया 2014 के लोकसभा चुनाव में घटित हुआ। जदयू एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ रहा था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू प्रत्याशी उदय नारायण चौधरी के पक्ष में प्रचार करने जमुई के खैरा हाईस्कूल मैदान पहुंचे थे।

तब प्रदेश के तत्कालीन कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह (अब दिवंगत) ने मंच से नीतीश कुमार के समक्ष जदयू प्रत्याशी की जमानत जब्त करा देने की चुनौती दे डाली थी। जांघ पर ताल ठोकते नरेंद्र सिंह का अख्खड़पन देख मुख्यमंत्री सहित अन्य मंचासीन नेता हैरान हो गए, तो भीड़ भी स्तब्ध रह गई थी।

क्यों भड़क गए थे नरेंद्र सिंह?

दरअसल, प्रत्याशी चयन में तवज्जो नहीं मिलने से नरेंद्र सिंह नाराज थे। इसी नाराजगी में मंच से ही ताल ठोककर उन्होंने उदय नारायण चौधरी की जमानत जब्त कराने की चुनौती दे डाली थी।

उस चुनाव में उदय नारायण चौधरी तीसरे नंबर पर रहे थे और उन्हें 1,98,400 मत मिले थे। दूसरे स्थान पर राजद के सुधांशु भास्कर थे। उन्हें 1,99,407 मत मिले। लोजपा (रामविलास) के चिराग पासवान ने 2,85,354 मत लाकर यह चुनाव जीता था।

यह भी पढ़ें:  Lok Sabha Elections: बिहार की वह लोकसभा सीट, जिसने एक मराठी को बनाया सांसद, दिल्ली की इंदिरा सरकार को दी चुनौती

डीएम ने की चुनाव में बढ़-चढ़कर वोट करने की अपील

आदर्श आचार संहिता के कारण बिहार दिवस पर किसी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया। कटिहार प्रशासन द्वारा प्रभात फेरी, क्विज, निबंध तथा पेटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

कटिहार समाहरणालय परिसर में उपविकास आयुक्त, डीआरडीए निदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से छात्र-छात्राओं की प्रभात फेरी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

प्रभात फेरी समाहरणालय से निकलकर आंबेडकर चौक, मनिहारी मोड़, जीआरपी चैक एवं शहीद चैक होते राजेन्द्र स्टेडियम पहुंची। इस रैली में स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

बिहार की पूर्वी चंपारण लोकसभा सीट: 1977 के बाद जब ढहने लगा कांग्रेस का किला, अब भाजपा का है दबदबा