मौत को मिली 'दूसरी मौत', जमुई में मुआवजे के लिए मुर्दे का हुआ रजिस्ट्रेशन; ₹200000 का झोल
जमुई के श्रम विभाग में मुआवजे के लिए मृतकों को दूसरी बार मरा दिखाकर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। लखन रविदास और गुलो तांती जैसे मामलों में मृत्यु प्रमाण ...और पढ़ें

मुआवजे के लिए मौत को मिली 'दूसरी मौत' (AI Generated Image)

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अरविंद कुमार सिंह, जमुई। श्रम विभाग एक बार फिर अपनी कार्यशैली से चर्चा में है। इसके पहले गुलो तांती को दूसरी बार मौत की नींद सुला कर मुआवजे की राशि निकाली गई थी। अब लखन रविदास की मौत को दूसरी मौत देकर राशि निकाल ली गई। कहा जाता है कि श्रम विभाग में ऐसे मामलों की लंबी फेहरिस्त है और हर योजना में गोलमाल हो रहा है।
फिलहाल, ताजा मामला बरहट प्रखंड अंतर्गत लखई पंचायत की भंदरा गांव से जुड़ा है। यहां लखन रविदास की मौत वर्ष 2019 में 23 मई को हो गई थी। तब पंचायत ने 28 मई को ऑफलाइन और ऑनलाइन मृत्यु प्रमाण पत्र भी निर्गत किया था। उक्त मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर ही लखन की पत्नी सावित्री देवी को विधवा पेंशन मिलते आ रहा है।
इस बीच मृत्यु प्रमाण पत्र से छेड़छाड़ कर लखन की 2025 में 29 जुलाई को मृत्यु दिखाकर दिसंबर 2025 में उनके नाम मुआवजे की राशि दो लाख रुपये की निकासी हो गई।
यह सब कैसे संभव हुआ यह जांच का विषय है, लेकिन इतना तो तय है कि मुआवजा भुगतान के पहले की जांच पड़ताल करने वाले अधिकारी ने बड़ा गुल खिलाया है।

इस संदर्भ में संबंधित प्रखंड के श्रम निरीक्षक सुधांशु कुमार पहले तो इधर-उधर की बातें करते हैं। फिर पोर्टल नहीं खुलने का बहाना। आखिरी में हम सब अपने लोग हैं, काहे को छापिएगा, कह कर जागरण प्रतिनिधि को बरगलाने की भरसक कोशिश करते हैं। मामले में श्रम अधीक्षक रतीश कुमार से संपर्क स्थापित करने का प्रयास सफल नहीं हो सका।
छेड़छाड़ में भी छूट गए सबूत
लखन रविदास के पूर्व निर्गत मृत्यु प्रमाण पत्र को ही संपादित कर प्रस्तुत कर राशि की निकासी होने की बात कही जा रही है संपादित मृत्यु प्रमाण पत्र में अंक मृत्यु की तिथि अंक में 29 जुलाई 2025 भले हो गया, लेकिन शब्द में मृत्यु की तारीख 23 मई 2019 ही रह गया। हालांकि, जारी करने की तिथि और पंजीकरण संख्या में बदलाव किया गया है।
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गुलो तांती को भी मिली थी दूसरी मौत!
भ्रष्टाचार की गंगोत्री में डुबकी लगाने वाले अधिकारियों की कृपा से गिद्धौर प्रखंड की गुगुलडीह पंचायत के छेदलाही गांव निवासी गुलो तांती की भी दो बार मौत हुई थी। पहले मौत जो नैसर्गिक थी, वह 20 दिसंबर 2023 को हुई।
बाद में श्रम विभाग से लाभ दिलाने के लिए कृत्रिम मौत हुई और दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत कराया गया। उसमें मौत की तिथि नौ फरवरी 2024 हो गई। इसके पहले एक फरवरी 2024 को उनके मजदूर कार्ड का नवीकरण कर लिया गया।
उनके नाम पर कुल 2,05,000 रुपये का लाभ दिया गया। तब श्रम अधीक्षक रतीश कुमार ने मामले की जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन जांच पूरी आज तक नहीं हुई।
वह क्यों नहीं हुई, इस संदर्भ में आरटीआई कार्यकर्ता गिरीश सिंह तथा भाकपा माले जिला कमेटी के सदस्य बाबू साहब सिंह कहते हैं कि श्रम विभाग में ऐसे मामलों की लंबी सूची है। यहां दलाल और अधिकारी की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा कर सरकारी राशि की बंदरबांट की जा रही है।