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    जमुई के बरहट के घने जंगलों में 10 साल बाद लौटे तेंदुआ, भालू और हिरण; कैमरे में कैद तस्वीरें देख झूमे लोग

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 06:15 AM (IST)

    जमुई के बरहट और लक्ष्मीपुर के घने जंगलों में एक दशक बाद तेंदुआ, भालू और हिरणों की वापसी हुई है, जिसकी तस्वीरें साइलेंट ट्रैप कैमरों में कैद हुई हैं। व ...और पढ़ें

    मलयपुर रेंज के जंगलों में साइलेंट ट्रैप कैमरों ने खोली राज, रात के अंधेरे में पानी पीते दिखा वयस्क तेंदुआ

    मलयपुर रेंज के जंगलों में साइलेंट ट्रैप कैमरों ने खोली राज, रात के अंधेरे में पानी पीते दिखा वयस्क तेंदुआ

    HighLights

    1. जमुई के बरहट जंगल में एक दशक बाद लौटे वन्यजीव।

    2. साइलेंट ट्रैप कैमरों में तेंदुआ, भालू, हिरण की तस्वीरें कैद।

    3. वन विभाग के सघन पौधारोपण से जंगल फिर हुए गुलजार।

    संवाद सूत्र, बरहट (जमुई)। जमुई जिले के बरहट और लक्ष्मीपुर प्रखंड के घने जंगलों में पूरे एक दशक का लंबा इंतजार खत्म हो गया है। कभी वीरान नजर आने वाले मलयपुर रेंज के बरहट जंगलों में अब फिर से खूंखार और दुर्लभ वन्यजीवों की दहाड़ व चहलकदमी लौटने लगी है। वन विभाग द्वारा लगाए गए साइलेंट ट्रैप कैमरों में तेंदुए के बाद अब भालू और हिरणों के झुंड की बेहद साफ तस्वीरें कैद हुई हैं।

    इको-टूरिज्म की जगी आस

    इस खबर के सामने आते ही जहां वन विभाग इसे प्रकृति की जीत मान रहा है, वहीं स्थानीय ग्रामीणों के चेहरे पर भी खुशी की चमक साफ देखी जा सकती है।

    Jamui Forests See Wildlife Return After 10 Years Leopards Bears (1)

    2014 के बाद पहली बार पुख्ता सबूत

    मुंगेर वन प्रमंडल के अधिकारियों के अनुसार, बरहट वन क्षेत्र में आखिरी बार वर्ष 2014-15 के आसपास तेंदुए के पदचिह्न देखे गए थे। इसके बाद खनन और अंधाधुंध कटाई के कारण जंगली जानवर लुप्त हो गए थे।

    रात में पानी पीते दिखा तेंदुआ

    हाल के हफ्तों में वन कर्मियों ने जल स्रोतों और वन्यजीव गलियारों पर साइलेंट ट्रैप कैमरे लगाए। गश्ती दल तब हैरान रह गया जब रात के अंधेरे में एक वयस्क तेंदुआ पानी पीते हुए दिखाई दिया। उसी क्षेत्र में कैमरे ने भालू और हिरणों की हलचल भी दर्ज की, जो साबित करता है कि जंगल में शिकार और भोजन का संतुलन फिर से बेहतर हो गया है।

    Jamui Forests See Wildlife Return After 10 Years Leopards Bears (2)

    4 साल में लगाए 3.56 लाख पौधे

    सघन वनों के मामले में मुंगेर जिला पूरे बिहार में दूसरे स्थान पर है, जिसका 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा जमुई के बरहट और लक्ष्मीपुर प्रखंड से जुड़ा हुआ है।

    रंग लाई वन विभाग की मेहनत

    पर्यावरण को संवारने के लिए बीते चार वर्षों (2023 से 2026) में मलयपुर रेंज में 3 लाख 56 हजार नए पौधे रोपे गए हैं। इसके अतिरिक्त सड़कों के दोनों ओर 20 हजार पौधे लगाए गए। इस हरियाली और सघनता का ही नतीजा है कि एक दशक बाद जानवर अपने पुराने आशियाने में लौटने लगे हैं।

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    Jamui Forests See Wildlife Return After 10 Years Leopards Bears (3)

    गांव में जश्न का माहौल

    तेंदुए, भालू और हिरण की वापसी की खबर से ग्रामीण काफी उत्साहित हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बताया कि 10 साल पहले तक यहां तेंदुए की दहाड़ आम बात थी। अब फिर से वन्यजीवों की झलक मिलने से क्षेत्र में इको-टूरिज्म और रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद जगी है।

    "तेंदुआ, भालू और हिरण का एक साथ दिखना इस क्षेत्र के इकोसिस्टम के स्वस्थ होने का प्रमाण है। अब गश्त और निगरानी और तेज की जाएगी। वन कर्मियों को गांव के पास वाले इलाकों में विशेष अलर्ट पर रखा गया है, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष न हो।"

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    अमृत कुमार मल्ल, जिला वन पदाधिकारी, मुंगेर

    "बड़े मांसाहारी और शाकाहारी जीवों की वापसी जंगल की सेहत का सबसे बड़ा पैमाना है। मलयपुर रेंज में एक साथ तीन प्रजातियों का दिखना बताता है कि पिछले वर्षों में किए गए वन संरक्षण के प्रयास और ग्रामीणों की भागीदारी रंग ला रही है।"

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    अरविंद कुमार मिश्रा, वन्य प्राणी विशेषज्ञ