'कलेक्टर नहीं, व्यवस्था का नौकर हूं'; जमुई डीएम नवीन का बेबाक अंदाज
जमुई के डीएम नवीन ने सिमुलतला आवासीय विद्यालय के स्थापना दिवस पर खुद को व्यवस्था का नौकर बताया। उन्होंने शिक्षा के तौर-तरीकों पर खुलकर बात की और विद्य ...और पढ़ें

दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते डीएम, एसपी व अतिथिगण। जागरण
HighLights
डीएम नवीन ने खुद को व्यवस्था का नौकर बताया।
सिमुलतला विद्यालय में शिक्षा सुधारों की घोषणा की।
नया खेल मैदान, बस, शिक्षकों की कमी होगी दूर।
संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। 'मुझे कलेक्टर होने का कोई अहंकार नहीं है। मैं कोई राजा नहीं, बल्कि इस व्यवस्था का एक नौकर हूं और अपनी जिम्मेदारी निभाने आया हूं।' सिमुलतला आवासीय विद्यालय के 17वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि सह विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी नवीन ने अपने संबोधन में यह बात कही।
डीएम के इस बेबाक अंदाज की समारोह में खूब चर्चा रही। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था की कमियों से लेकर शिक्षा के मौजूदा तौर-तरीकों तक पर खुलकर अपनी बात रखी।
डीएम ने कहा कि सुबह से रात तक किताबों में सिर खपाने का दबाव बच्चों को मानसिक रूप से कमजोर कर सकता है। पढ़ाई जिंदगी का एक हिस्सा है, पूरी जिंदगी नहीं।
उन्होंने कहा कि सिमुलतला का उद्देश्य केवल रैंक होल्डर तैयार करना नहीं है। कोई छात्र टापर बनने के बाद भी सार्वजनिक मंच पर अपनी बात रखने या साक्षात्कार में आत्मविश्वास से जवाब देने में हिचके तो ऐसी शिक्षा अधूरी है। वास्तविक सफलता अंक-पत्र के नंबरों से आगे बढ़कर विपरीत परिस्थितियों से लड़ने और मजबूत चरित्र निर्माण में है।
दो-तीन माह में तैयार होगा नया खेल मैदान
विद्यालय की पुरानी कमियों को स्वीकार करते हुए डीएम ने संस्थान के कायाकल्प को लेकर कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि अगले दो-तीन माह में विद्यार्थियों के लिए सुविधाओं से युक्त नया खेल मैदान तैयार कराया जाएगा।
विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल एक्सपोजर देने के लिए विद्यालय को जल्द नई बस उपलब्ध कराई जाएगी। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए बीपीएससी और प्रमंडल स्तर पर योग्य शिक्षकों की नियुक्ति के साथ विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
वहीं, कक्षा आठवीं से 12वीं तक के छात्र प्रतिनिधियों का समूह बनाया जाएगा। यह समूह बिना किसी बिचौलिए के सीधे उच्च अधिकारियों तक अपनी समस्याएं पहुंचा सकेगा। वहीं, एसपी विश्वजीत दयाल ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध और मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल के प्रति सचेत किया।
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उन्होंने छोटी-मोटी रंजिशों को आपस में बातचीत से सुलझाने और झूठे मुकदमों से दूर रहने की अपील की। संस्थापक सदस्य कर्नल बीबी सिंह ने सुझाव दिया कि विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में बिहार के प्रत्येक सरकारी विद्यालय से कम से कम पांच प्रतिभाशाली बच्चों को शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने पूर्व छात्रों से स्वेच्छा से अपनी आय का एक प्रतिशत संस्थान को देने की अपील भी की। संस्थापक प्राचार्य डॉ. शंकर कुमार ने विद्यालय के शुरुआती दौर के संघर्षों को याद किया। प्राचार्य शुभम शेखर ने स्वागत भाषण में विद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पूर्व छात्रों के लिए गेस्ट हाउस का उद्घाटन
समारोह के दौरान अतिथियों ने पौधारोपण किया। पूर्ववर्ती छात्र-छात्राओं के लिए बनाए गए अलग-अलग गेस्ट हाउस का फीता काटकर उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य द्वार पर छात्राओं द्वारा अतिथियों के स्वस्ति तिलकाभिनंदन से हुई।
इसके बाद सामूहिक विद्यालय गान, अतिथियों का पौधा, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मान तथा मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलन किया गया। हस्तलिखित पत्रिका ‘नवांकुर बिहार’ का भी विमोचन हुआ। कार्यक्रम का संचालन संस्कृत शिक्षक आशीष कुमार पांडेय ने किया।
इस अवसर पर विद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. राजीव रंजन, मुंगेर-जमुई को-आपरेटिव बैंक के उपाध्यक्ष श्रीकांत यादव, जिला परिषद प्रतिनिधि आलोक राज सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।