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    गोपालगंज के जगतौली ओपी अध्यक्ष सस्पेंड, एसपी का कड़ा एक्शन ; व्हाट्सएप कॉल पर रिश्वत मांगना पड़ा महंगा

    Updated: Sat, 21 Mar 2026 01:10 PM (IST)

    गोपालगंज में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई है। जगतौली ओपी अध्यक्ष प्रशांत कुमार को व्हाट्सएप कॉल पर रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित किया गया ...और पढ़ें

    जगतौली ओपी अध्यक्ष प्रशांत कुमार निलंबित

    जगतौली ओपी अध्यक्ष प्रशांत कुमार निलंबित

    HighLights

    1. जगतौली ओपी अध्यक्ष प्रशांत कुमार रिश्वत मांगने पर निलंबित।

    2. व्हाट्सएप कॉल पर रिश्वत मांगने के साक्ष्य मिले।

    3. एसपी ने भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई।

    जागरण संवाददाता, गोपालगंज। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए कार्रवाई की गई है। जगतौली ओपी अध्यक्ष प्रशांत कुमार को निलंबित कर दिया गया है। उन पर व्हाट्सएप कॉल के जरिए रिश्वत मांगने का आरोप है। वीडियो और ऑडियो साक्ष्यों में इसकी पुष्टि हुई है। मामले ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है।

    एसपी ने तत्काल की कार्रवाई

    विनय तिवारी ने मामले को गंभीरता से लिया। साक्ष्य सामने आते ही तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया गया। एसपी ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

    उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। कार्रवाई के बाद विभाग में संदेश गया है। अन्य कर्मियों को भी सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

    स्पष्टीकरण मांगा, आगे होगी विभागीय कार्रवाई

    निलंबित अधिकारी से पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्हें निर्धारित समय के भीतर जवाब देना होगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो कड़ी कार्रवाई होगी।

    विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि निष्पक्ष जांच होगी। दोषी पाए जाने पर और सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    भ्रष्टाचार पर सख्त रुख, दिया स्पष्ट संदेश

    एसपी ने कहा कि जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू है। किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस की छवि को खराब करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

    उन्होंने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। किसी भी प्रकार की शिकायत सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने को कहा गया है। इस कार्रवाई को एक सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।