गयाजी मंडी बनी झारखंड के किसानों की पहली पसंद, आधे दाम पर मिल रहा धान का बीज
आद्रा नक्षत्र के दौरान गयाजी की बीज मंडी में धान के बीज खरीदने के लिए झारखंड के किसानों की भीड़ उमड़ रही है। ...और पढ़ें

दुकान पर लगी महिलाओं की भीड़। (जागरण)
HighLights
झारखंड के किसान सस्ते धान बीज के लिए गयाजी आ रहे।
सीता प्रजाति कम पानी में अच्छी पैदावार देती है, लोकप्रिय।
महिला किसान धान बीज खरीदारी में बढ़-चढ़कर भाग ले रहीं।
जागरण संवाददाता, गयाजी। धान की बिचड़ा बोआई के प्रमुख नक्षत्र आद्रा के दौरान किसानों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिले के किसान जहां अपने खेतों में बिचड़ा तैयार करने में जुटे हैं, वहीं पड़ोसी राज्य झारखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान गयाजी की बीज मंडी का रुख कर रहे हैं।
खास बात यह है कि बीज खरीदने आने वाले किसानों में महिलाओं की भागीदारी अधिक देखने को मिल रही है। प्रत्येक दिन सुबह धनबाद इंटरसिटी ट्रेन से झारखंड के किसान गया स्टेशन पहुंचते हैं और सीधे किरानी घाट स्थित बीज दुकानों की ओर निकल पड़ते हैं। यहां वे अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार धान के बीज की खरीदारी करते हैं।
झारखंड के गिरिडीह जिले से आए किसान टपरिया देवी बताती हैं कि उनके क्षेत्र में भी बीज की दुकानें हैं, लेकिन वहां धान का बीज काफी महंगा मिलता है।
गयाजी में जहां पांच किलो धान का बीज 450 से पांच सौ रुपये में मिल जाता है। वहीं, गिरिडीह में इसकी कीमत एक हजार से 1100 रुपये तक पहुंच जाती है।
इसी बड़े मूल्य अंतर के कारण वे हर साल यहां से खरीदारी करने आती हैं। हजारीबाग से आई किसान बेरी देवी ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से लगातार गयाजी मंडी आ रही हैं।
यहां मिलने वाला बीज न केवल सस्ता होता है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और असली भी होता है, जिससे धान की पैदावार बेहतर होती है।
सीता प्रजाति बनी पहली पसंद
गयाजी की बीज मंडी में झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग, कोडरमा, बगोदर और पारसनाथ क्षेत्रों से आने वाले किसानों की पहली पसंद सीता प्रजाति का धान है।
किसानों का कहना है कि यह प्रजाति कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती है और कम समय में तैयार हो जाती है। बीज विक्रेता पंकज कुमार और विकास कुमार ने बताया कि झारखंड के अधिकांश किसान इसी प्रजाति की मांग करते हैं, क्योंकि यह उनके भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल है।
दस दिनों तक जारी रहेगी खरीदारी
बीज विक्रेताओं का कहना है कि झारखंड के किसान अगले दस दिनों तक और खरीदारी करते रहेंगे। पहाड़ी क्षेत्रों में आद्रा नक्षत्र के बाद भी धान की बिचड़ा बोआई का कार्य जारी रहता है।
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इसलिए किसानों की आवाजाही बनी रहेगी। धान के बीज के अलावा किसान मक्का, मडुआ और सब्जियों के बीज भी खरीद रहे हैं।क्योंकि यहां उन्हें अपेक्षाकृत कम कीमत पर बेहतर गुणवत्ता के बीज उपलब्ध हो जाते हैं।
गयाजी की बीज मंडी इस समय झारखंड के किसानों की चहल-पहल से गुलजार है। सस्ते और गुणवत्तापूर्ण बीज के कारण यह मंडी न केवल जिले बल्कि पड़ोसी राज्यों के किसानों के लिए भी भरोसे का केंद्र बन चुकी है।
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