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जनगणना 2027: बिहार में घर-घर होगी गिनती, 28 फरवरी तक जुटेगा हर व्यक्ति का पूरा डाटा

Published: Tue, 08 Sep 2026 07:47 PM (IST)

भारत सरकार ने जनगणना 2027 की तैयारियां तेज कर दी हैं, जिसमें डिजिटल तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग होगा। ...और पढ़ें

पहले चरण में घरों और सार्वजनिक स्थलों का हुआ सर्वे

पहले चरण में घरों और सार्वजनिक स्थलों का हुआ सर्वे

HighLights

  1. जनगणना 2027 में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग।

  2. गया में पहला चरण पूरा, दिसंबर तक डेटा अपलोड।

  3. फरवरी 2027 में घर-घर जाकर व्यक्तिगत जानकारी संग्रह।

जागरण संवाददाता, गयाजी। भारत सरकार ने जनगणना 2027 की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार जनगणना में डिजिटल तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाएगा। डेटा संग्रह के लिए विशेष मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग होगा, जिससे आंकड़े सीधे डिजिटल माध्यम से दर्ज किए जाएंगे। इससे प्रक्रिया को तेज करने के साथ आंकड़ों की सटीकता और सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पहले चरण में घरों और सार्वजनिक स्थलों का हुआ सर्वे

गया जिले में जनगणना के प्रथम चरण का कार्य पूरा हो चुका है। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि पहले चरण में हाउस होल्डिंग और सार्वजनिक स्थलों का सर्वेक्षण किया गया है।

इस दौरान जुटाए गए आंकड़ों को केंद्रीय जनगणना साइट पर अपलोड करने का काम चल रहा है। इसे दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

फरवरी में घर-घर पहुंचेगा प्रगणक, हर व्यक्ति की होगी गणना

प्रथम चरण के बाद अब दूसरे चरण की तैयारी चल रही है। फरवरी 2027 में प्रगणक प्रत्येक घर में दस्तक देंगे। घर में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पूरा नाम, योग्यता समेत अन्य निर्धारित जानकारियां जुटाई जाएंगी। यह मैन-टू-मैन डाटा संग्रह का कार्य 28 फरवरी तक चलेगा।

एक मार्च को प्रकाशित होगी जनगणना की अंतिम सूची

दूसरे चरण का काम पूरा होने के बाद 01 मार्च 2027 को गया जिले की जनगणना की अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी। इससे जिले की आबादी और लोगों से संबंधित जरूरी आंकड़ों की समुचित जानकारी सामने आएगी। जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं और नीति निर्माण के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेंगे।

कमजोर वर्गों की जानकारी पर भी रहेगा विशेष जोर

इस बार जनगणना में सभी वर्गों की सही जानकारी जुटाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। खासकर कमजोर वर्गों से संबंधित आंकड़े सटीक रूप से दर्ज किए जाएंगे।

इसके लिए लोगों को जनगणना के महत्व के प्रति जागरूक करने और सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।

जनगणना कर्मियों का पहला मानदेय जारी, दूसरे चरण की राशि मार्च में

जनगणना कार्य में लगे पदाधिकारियों और कर्मियों के लिए केंद्र सरकार ने अलग-अलग श्रेणी के अनुसार मानदेय निर्धारित किया है। प्रथम चरण के लिए मानदेय की राशि जारी कर दी गई है।

जिला सांख्यिकी पदाधिकारी के अनुसार जिला पदाधिकारी से लेकर प्रगणक तक के लिए राशि निर्गत की गई है। दूसरे चरण का मानदेय मार्च में जारी किया जाएगा।

प्रगणक और पर्यवेक्षक को पहले चरण में ₹9 हजार

मानदेय के अनुसार 8424 प्रगणकों को प्रथम चरण में 9,000 रुपये और दूसरे चरण में 16,000 रुपये मिलेंगे। वहीं 1356 पर्यवेक्षकों को भी पहले चरण में 9,000 रुपये और दूसरे चरण में 16,000 रुपये का मानदेय मिलेगा।

डीएम से लेकर चार्ज पदाधिकारी तक तय है मानदेय

चार्ज पदाधिकारी यानी बीडीओ एवं कार्यपालक पदाधिकारी के लिए प्रथम चरण में 20,000 रुपये और दूसरे चरण में 25,000 रुपये निर्धारित हैं।

प्रधान जनगणना पदाधिकारी यानी डीएम को दोनों चरणों में क्रमश: 25,000 और 35,000 रुपये मिलेंगे। जिला जनगणना पदाधिकारी यानी एमडीएम तथा अपर जनगणना पदाधिकारी यानी डीएसओ के लिए दोनों चरणों में क्रमश: 20,000 और 25,000 रुपये का प्रावधान है।