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PM Kisan Installment : किसान सम्मान निधि की अगली किस्त से पहले फार्मर आइडी का पेच

Published: Fri, 09 Oct 2026 06:00 AM (GMT+05:30)

किसानों की फार्मर आईडी बनाने का काम जमीन के ऑनलाइन अभिलेख और जमाबंदी में गड़बड़ी के कारण प्रभावित हो रहा ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. फार्मर आईडी बनाने में ऑनलाइन जमीन अभिलेख और जमाबंदी बन रही बाधा।

  2. तेतरिया में 13 हजार पंजीकृत किसानों में से 4500 की ही आईडी बनी।

  3. पीएम किसान की अगली किस्त से पहले किसानों की चिंता बढ़ गई।

संवाद सहयोगी, तेतरिया (पूर्वी चंपारण)।  तेतरिया प्रखंड क्षेत्र में किसानों की फार्मर आइडी बनाने का अभियान जमीन के आनलाइन अभिलेख और जमाबंदी में गड़बड़ी के कारण प्रभावित हो रहा है।

कई किसानों के नाम से जमाबंदी दर्ज नहीं है तो कुछ के परिमार्जन आवेदन लंबे समय से प्रक्रियाधीन हैं। ऐसे में किसान फार्मर आइडी बनवाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।

रसीद है, फिर भी आनलाइन जमीन नहीं दिख रही

कई किसानों का कहना है कि उनके पास अपने नाम की जमीन की रसीद मौजूद है, लेकिन आनलाइन अभिलेख में खाता-खेसरा शून्य प्रदर्शित हो रहा है। इस कारण उन्हें अभिलेख सुधार कराने के लिए अंचल कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि जब तक आनलाइन रिकार्ड दुरुस्त नहीं होगा, फार्मर आइडी बनाना मुश्किल है।

13 हजार निबंधित किसान, 4500 की बनी आइडी

प्रखंड कृषि कार्यालय के अनुसार तेतरिया में करीब 13 हजार किसान निबंधित हैं। अब तक लगभग 4500 किसानों की फार्मर आइडी बनाई जा चुकी है। इनमें पीएम किसान योजना के लाभुकों के साथ अन्य किसान भी शामिल हैं।

गांवों में पहुंचकर बना रहे आइडी

कृषि सलाहकार दीनानाथ झा, संजय कुमार, मोतीलाल एवं आलोक कुमार ने बताया कि पंचायतों और गांवों में जाकर किसानों के घर तक पहुंचकर फार्मर आइडी बनाने का कार्य किया जा रहा है। जमीन के कागजात में कमी अथवा आनलाइन रिकार्ड में गड़बड़ी मिलने पर कई जगह कर्मियों को बिना आइडी बनाए लौटना पड़ रहा है।

संभावित 20 अक्टूबर की किस्त से पहले बढ़ी चिंता

पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किस्त को लेकर किसानों की नजर 20 अक्टूबर पर है। चर्चा है कि अगली किस्त आ सकती है। फार्मर आइडी को पीएम किसान योजना का लाभ पाने की प्रक्रिया में जरूरी माना जा रहा है। ऐसे में जिन किसानों की फार्मर आइडी जमाबंदी या आनलाइन जमीन के रिकार्ड में गड़बड़ी के कारण अटकी है, उन्हें अगली किस्त को लेकर चिंता सता रही है।

सरल हो अभिलेख सुधार की प्रक्रिया

प्रखंड किसान संघ के अध्यक्ष रामचंद्र यादव ने कहा कि किसान जमाबंदी सुधार के लिए लगातार कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। अभिलेख सुधार की प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाने की जरूरत है, ताकि अधिक से अधिक किसानों की फार्मर आइडी समय पर बन सके और वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित न हों।

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