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    नेपाल के सख्त भंसार नियम से भारत के बॉर्डर बाजार में सन्नाटा, 100 रुपये से ऊपर के सामान पर शुल्क

    By Vijay Giri Edited By: Ajit kumar
    Updated: Fri, 17 Apr 2026 03:18 PM (IST)

    Nepal Customs Duty: नेपाल सरकार के नए कस्टम नियमों के तहत 100 रुपये से अधिक के सामान पर अनिवार्य शुल्क लगने से रक्सौल सहित बिहार के सीमावर्ती बाजारों ...और पढ़ें

    HighLights

    1. 100 रुपये से अधिक सामान पर नेपाल में अनिवार्य कस्टम शुल्क।

    2. रक्सौल सहित सीमावर्ती भारतीय बाजारों में व्यापार बुरी तरह प्रभावित।

    3. नेपाली ग्राहकों की कमी से व्यापारियों को भारी नुकसान।

    विजय गिरी, रक्सौल (पूर्वी चंपारण)। India Market Impact: नेपाल सरकार के नए कस्टम नियमों ने बिहार के सीमावर्ती बाजारों, खासकर रक्सौल अनुमंडल क्षेत्र में व्यापार की रफ्तार को थाम दिया है। 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर अनिवार्य कस्टम शुल्क (भंसार) लागू होने के बाद बाजारों में सन्नाटा छा गया है।

    100 रुपये से ऊपर सामान पर अनिवार्य शुल्क (Nepal Bhansar Rule)

    नए नियम के अनुसार, भारत से 100 रुपये से अधिक का सामान लेकर नेपाल जाने पर कस्टम शुल्क देना अनिवार्य कर दिया गया है। इस सख्ती के बाद सीमा पार खरीदारी करने वाले लोगों की संख्या में अचानक गिरावट आई है।

    सीमावर्ती बाजारों में घटा कारोबार (Custom Duty Impact)

    रक्सौल समेत बिहार-नेपाल सीमा से जुड़े बाजार लंबे समय से नेपाली ग्राहकों पर निर्भर रहे हैं। शादी-विवाह के सीजन में यहां जमकर खरीदारी होती थी, लेकिन अब ग्राहकों की कमी से व्यापारियों की बिक्री बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

    फुटफॉल में भारी गिरावट (Bihar Market Slowdown)

    कपड़ा व्यापारी सुरेश कुमार और किराना व्यवसायी रवि अग्रवाल जैसे दुकानदारों का कहना है कि पहले बड़ी संख्या में नेपाली ग्राहक आते थे, लेकिन अब कस्टम जांच और शुल्क के डर से लोग कम आ रहे हैं।

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    दोनों देशों के लोगों पर असर

    सीमा के दोनों ओर रहने वाले लोग वर्षों से दैनिक उपयोग की वस्तुओं के लिए एक-दूसरे के बाजारों पर निर्भर रहे हैं। इस सख्ती के बाद न केवल भारतीय व्यापारियों को नुकसान हो रहा है, बल्कि नेपाली उपभोक्ताओं की खरीदारी भी प्रभावित हुई है।

    राजस्व बढ़ाने का तर्क

    नेपाल प्रशासन का कहना है कि यह कदम राजस्व बढ़ाने और अनियंत्रित सामान आवागमन को रोकने के लिए उठाया गया है। छोटी-छोटी खरीदारी से सरकार को कर नुकसान हो रहा था, जिसे अब नियंत्रित किया जा रहा है।

    रोजगार पर भी असर

    आदापुर निवासी ई-रिक्शा चालक राजा बाबू ने बताया कि नेपाली ग्राहकों की संख्या घटने से उन्हें भी कम सवारी मिल रही है, जिससे उनकी आमदनी प्रभावित हुई है।

    नेपाल में मिश्रित प्रतिक्रिया

    नेपाल के पर्सा जिले की रुकैया ने इस फैसले को स्थानीय व्यापार के लिए सकारात्मक बताया। उनका कहना है कि इससे नेपाल में कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और राजस्व नुकसान कम होगा।

    कुछ लोगों को मिली राहत

    वहीं, वीरगंज की खुशी और अनिता चौधरी जैसी कुछ लोगों को इस सख्ती के बावजूद भंसार नहीं देना पड़ा, लेकिन अधिकांश लोगों को नियमों का पालन करना पड़ रहा है।

    व्यापारियों को राहत की उम्मीद

    सीमावर्ती व्यापारियों को उम्मीद है कि दोनों देशों के स्थानीय हितों को देखते हुए भविष्य में इस नियम में कुछ नरमी बरती जा सकती है। फिलहाल, इस फैसले का असर सीमा से जुड़े बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है।