RPF में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ा खुलासा, कोटवा और डमरियाघाट में ED की ताबड़तोड़ छापेमारी
ईडी ने मोतिहारी के कोटवा और डुमरियाघाट में फर्जी आरपीएफ नौकरी प्रशिक्षण केंद्र चलाने वाले सक्षम श्रीवास्तव और दीपक कुमार के घरों पर छापेमारी की। इन पर ...और पढ़ें

आरपीएफ में नौकरी दिलाने के नाम पर चलाता था ट्रेनिंग सेंटर। फाइल फोटो
संवाद सहयोगी, मोतिहारी/कोटवा (पूर्वी चंपारण)। ED raid in Bihar: आरपीएफ में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी ट्रेनिंग सेंटर चलाने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार सुबह पूर्वी चंपारण में बड़ी कार्रवाई की।
ईडी की टीम ने कोटवा थाना क्षेत्र के अमवा गांव और डमरियाघाट थाना क्षेत्र के सेमुआरपुर गांव में दो आरोपितों के घर एक साथ छापेमारी की, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
ईडी की यह कार्रवाई अमवा गांव निवासी सक्षम श्रीवास्तव और सेमुआरपुर गांव निवासी दीपक कुमार के ठिकानों पर की गई। दोनों पर आरपीएफ में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी ट्रेनिंग सेंटर के संचालन से जुड़े होने का आरोप है।
छापेमारी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या सामग्री बरामद हुई, इसका आधिकारिक खुलासा अब तक नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि गुरुवार तड़के ईडी के अधिकारी पूरी गोपनीयता के साथ दोनों गांवों में पहुंचे और बारी-बारी से छापेमारी शुरू की।
कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई थी कि स्थानीय थाना पुलिस को भी इसकी भनक तक नहीं लगी। सूत्रों के अनुसार, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भटहा गांव में संचालित फर्जी ट्रेनिंग सेंटर के मामले में जांच के दौरान सक्षम श्रीवास्तव और दीपक कुमार के नाम सामने आए थे। इसी आधार पर ईडी ने उनके ठिकानों को निशाने पर लिया।
कोटवा थाना क्षेत्र के अमवा गांव में जैसे ही ईडी की टीम पहुंची, पूरे गांव में अफरातफरी मच गई। ग्रामीण कुछ समझ पाते, उससे पहले ही अधिकारियों ने घर के आसपास घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी।
इस दौरान गृहस्वामी रामू श्रीवास्तव को भी मौके पर बुलाकर पूछताछ की गई। उल्लेखनीय है कि एक वर्ष पूर्व भी इसी घर पर ईडी की छापेमारी हो चुकी है।
फिलहाल ईडी की जांच जारी है और पूरे मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।