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    पूर्वी चंपारण में पुलिस की बड़ी चूक, जब वारंट किसी और का था, फिर जेल क्यों गया निर्दोष?

    Updated: Tue, 16 Jun 2026 06:05 PM (IST)

    पूर्वी चंपारण में मलाही पुलिस ने एक बड़ी चूक करते हुए गलत वारंट पर एक निर्दोष व्यक्ति को दो दिन के लिए जेल भेज दिया। इस लापरवाही के कारण पीड़ित रमेश क ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    HighLights

    1. मलाही पुलिस ने गलत वारंट पर निर्दोष को जेल भेजा।

    2. पीड़ित रमेश कुमार को दो दिन जेल में रहना पड़ा।

    3. पुलिस अधीक्षक ने चौकीदार को निलंबित कर रिपोर्ट मांगी।

    संवाद सहयोगी, अरेराज (पूर्वी चंपारण)। मलाही पुलिस ने एक वारंट के आधार पर कार्रवाई करने में बड़ी चूक की है। वारंट किसी और के नाम का था और जेल किसी और को भेज दिया। पुलिस की लापरवाही के कारण निर्दोष व्यक्ति को दो दिन जेल में रहना पड़ा।

    पुलिस की इस कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थिति यह रही कि स्वजन, पंचायत के प्रतिनिधि व गणमान्य लोग पुलिस के समक्ष वारंटी नहीं होने का सबूत देते रह गए, लेकिन थानाध्यक्ष ने किसी की एक नहीं सुनी।

    निर्दोष व्यक्ति को दूसरे वारंटी के बदले जेल भेज दिया। दोनों के पिता का अलग नाम और अलग पंचायत में घर होने के बाद भी पुलिस ने किसी की नहीं सुनी। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने संबंधित चौकीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए मलाही थाना से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है।

    इस बीच न्यायालय ने मलाही पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जेल भेजे गए व्यक्ति को पर्सनल बांड पर छोड़ने का निर्देश दिया। तबतक पुलिस की लापरवाही के कारण दो दिनों तक निर्दोष व्यक्ति को जेल में रहना पड़ा।

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    स्वजनों ने बताया कि उत्पाद थाना मोतिहारी के टीआर नंबर 2127/22 से रमेश महतो पिता रतन महतो ग्राम ममरखा मलाही के नाम से वारंट आया था। इसी वारंट के आधार पर मलाही पुलिस ने शनिवार को ममरखा भैया टोला पंचायत के वार्ड संख्या-एक निवासी रमेश कुमार पिता रामबचन महतो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

    स्वजनों ने सोमवार को कोर्ट में निर्दोष को पकड़कर पुलिस द्वारा दूसरे के नाम पर जेल भेजने का साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद कोर्ट ने थाना की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए जेल गए व्यक्ति को पर्सनल बांड पर छोड़ा दिया।

    मलाही थानाध्यक्ष सुमन भारती ने बताया कि उक्त मामला उत्पाद थाना पुलिस मोतिहारी से संबंधित है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान के क्रम में नाम व पंचायत लिखने में त्रुटि हुई है।

    पीड़ित ने कहा- जाएंगे कोर्ट, करेंगे मानहानि का मुकदमा

    दो दिनों तक जेल में बिना किसी अपराध के रहने के बाद घर लौटे रमेश कुमार का कहना है कि मलाही पुलिस ने अपने नशेबाज चौकीदार के कहने पर मुझे जेल भेज दिया। इस कारण से मेरा आर्थिक नुकसान हुआ। मानसिक व सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हुई है। इसको लेकर मैं न्यायालय जाने की तैयारी में हूं। मलाही थानाध्यक्ष व मामले के अनुसंधानक के विरुद्ध मानहानि का मुकदमा न्यायालय में दायर करेंगे।