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    चरस तस्करी मामले में दोषी को 14 साल का कठोर कारावास, पूर्वी चंपारण के पन्नालाल पर दो लाख जुर्माना

    By Dineshwar Prasad Edited By: Ajit kumar
    Updated: Mon, 19 Jan 2026 06:36 PM (IST)

    पलनवा के पन्नालाल दास को चरस तस्करी मामले में विशेष न्यायालय ने 14 साल के कठोर कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। रामगढ़वा पुलिस ने 20 ...और पढ़ें

    अर्थदंड का भुगतान नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

    अर्थदंड का भुगतान नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

    HighLights

    1. पन्नालाल दास को 14 साल का कठोर कारावास।

    2. चरस तस्करी मामले में दो लाख रुपये का जुर्माना।

    3. रामगढ़वा में 5.72 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तारी।

    संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। Charas smuggling case:चरस तस्करी के एक मामले में स्वापक औषधि एवं मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) न्यायालय द्वितीय के विशेष न्यायाधीश सूर्यकांत तिवारी ने नामजद अभियुक्त को दोषी करार देते हुए 14 वर्षों के कठोर कारावास तथा दो लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

    अर्थदंड का भुगतान नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा। यह सजा पलनवा थाना क्षेत्र के मुशहरवा गांव निवासी स्वर्गीय जगदेव दास के पुत्र पन्नालाल दास को सुनाई गई है।

    मामले में रामगढ़वा थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष इंद्रजीत पासवान के बयान पर रामगढ़वा थाना कांड संख्या 21/2023 दर्ज किया गया था। प्राथमिकी के अनुसार, 20 जनवरी 2023 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति नेपाल से मादक पदार्थ लेकर भारत में प्रवेश कर रहा है।

    सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने एनएच-28 पर रामगढ़वा के सेमरा चौक के पास वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान दोपहर करीब 3:20 बजे एक व्यक्ति हाथ में भारी झोला लेकर आता दिखाई दिया। संदेह होने पर उसे रोककर तलाशी ली गई, जिसमें झोले से दस पैकेटों में रखा कुल 5.72 किलोग्राम चरस बरामद किया गया।

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    मामले के विचारण के दौरान एनडीपीएस वाद संख्या 25/2023 में विशेष लोक अभियोजक प्रभाष त्रिपाठी की ओर से न्यायालय में छह गवाहों की गवाही कराई गई। प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20(बी)(ii)(सी) एवं 23(सी) के तहत दोषी पाते हुए कठोर सजा सुनाई।

    न्यायालय के इस फैसले को मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, विशेषकर नेपाल सीमा से सटे पूर्वी चंपारण जिले में लगातार सामने आ रहे नशा तस्करी के मामलों के बीच।