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मोतिहारी में फोन कॉल के लिए अड़ी उज्बेकिस्तानी महिला, जेल अधिकारियों के सामने दी हाथ-सिर काटने की धमकी

Published: Tue, 08 Sep 2026 05:34 PM (IST)

मोतिहारी केंद्रीय कारा में बंद उज्बेकिस्तान की एक महिला बंदी ने फोन पर बात न होने पर जेल कार्यालय में ...और पढ़ें

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. उज्बेकिस्तानी महिला बंदी ने मोतिहारी जेल में किया हंगामा।

  2. फोन पर बात न होने पर खुद को नुकसान की धमकी दी।

  3. जेल प्रशासन ने नगर थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई।

संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। केंद्रीय कारा मोतिहारी में बंद उज्बेकिस्तान की एक विचाराधीन महिला बंदी ने स्वजनों से फोन पर बात नहीं होने पर जेल कार्यालय में हंगामा कर दिया।

महिला ने जेल अधिकारियों के सामने अपने हाथ और सिर को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। घटना के बाद कारा प्रशासन ने नगर थाना पुलिस को लिखित आवेदन देकर सनहा दर्ज करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया है। हालांकि, जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिला ने खुद को कोई चोट नहीं पहुंचाई है।

अधिवक्ता से बात कराने पहुंची थी कार्यालय

जानकारी के अनुसार, हरेया पुलिस द्वारा गिरफ्तार उज्बेकिस्तानी महिला बंदी मखफूजा देखखोनोवा अपने अधिवक्ता से संपर्क करने के लिए जेल कार्यालय पहुंची थी। जेल कर्मियों ने उसके अधिवक्ता से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन काल रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद महिला ने अपने स्वजनों से फोन पर बात कराने की मांग शुरू कर दी।

नियमों का हवाला देने पर भड़की

जेल उपाधीक्षक ने महिला को कारा के नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि वह दूतावास (एंबेसी) के माध्यम से लिखित रूप से अपने परिवार तक संदेश भेज सकती है। बताया गया कि इसी बात पर महिला बंदी नाराज हो गई और जेल कार्यालय में हंगामा करने लगी। आवेदन के अनुसार, उसने अधिकारियों के सामने अपने हाथ और सिर को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।

अधिकारियों के सामने देती रही धमकी

घटना के समय कार्यालय में मुख्य उच्च कक्षपाल शंकर कुमार, महिला गृह रक्षक मेनका कुमारी और एक अन्य उज्बेकिस्तानी महिला बंदी माफतूना किलिचेरा मौजूद थीं। जेल प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी नगर थाना पुलिस को दी है।

जेल प्रशासन ने दी सफाई

घटना के बाद महिला बंदी द्वारा हाथ काटे जाने की चर्चा भी सामने आई, जिसे कारा प्रशासन ने खारिज किया है। जेल उपाधीक्षक संजय कुमार द्वारा पुलिस को दिए आवेदन में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान घटना में महिला ने अपना हाथ नहीं काटा था। उसने केवल गुस्से में खुद को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी।

दो माह पहले खुद को पहुंचाई थी चोट

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि करीब दो माह पहले इसी महिला बंदी ने कांच की चूड़ी से अपने हाथ को चोटिल किया था। हालांकि, इस बार उसने खुद को कोई चोट नहीं पहुंचाई। जेल प्रशासन ने पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। पुलिस आवेदन के आधार पर घटनाक्रम की जांच कर रही है।