Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    LNMU में विवादों में घिरी नामांकन प्रक्रिया, बिना प्रैक्टिकल वाले सब्जेक्ट में छात्रों से ₹600 वसूलने का आरोप

    Updated: Fri, 03 Jul 2026 02:43 PM (IST)

    ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में स्नातक प्रथम सेमेस्टर के भूगोल छात्रों से बिना प्रैक्टिकल के 600 रुपये अवैध रूप से वसूले जा रहे हैं। ...और पढ़ें

    LNMU में बिना प्रैक्टिकल वाले भूगोल के छात्रों से वसूले जा रहे 600 रुपये

    LNMU में बिना प्रैक्टिकल वाले भूगोल के छात्रों से वसूले जा रहे 600 रुपये

    HighLights

    1. ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में अवैध प्रैक्टिकल फीस वसूली।

    2. भूगोल छात्रों से 600 रुपये की जबरन ऑनलाइन उगाही।

    3. छात्रों ने आंदोलन की चेतावनी दी, कुलपति से कार्रवाई की मांग।

    जागरण संवाददाता, दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के अंतर्गत स्नातक प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2026-30) की नामांकन प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले कालेजों में भूगोल विषय के छात्रों से प्रैक्टिकल के नाम पर प्रति छात्र 600 रुपये की अवैध वसूली का मामला सामने आया है।

    यूजीसी के नियमों के अनुसार इस पाठ्यक्रम में कोई प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) परीक्षा होनी ही नहीं है। इसके बावजूद छात्रों से आनलाइन नामांकन के दौरान जबरन यह राशि ली जा रही है, जिसे लेकर छात्रों में भारी आक्रोश है।

    विश्वविद्यालय के तहत दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर एवं बेगूसराय के अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों में प्रथम चयन सूची के आधार पर ऑनलाइन नामांकन की प्रक्रिया चल रही है, जो छह जुलाई तक चलेगी।

    भूगोल (अंतर-विषयक पाठ्यक्रम) के छात्रों ने बताया कि जब वे पोर्टल पर फीस जमा करने जा रहे हैं, तो कुल नामांकन शुल्क में 600 रुपये 'प्रैक्टिकल फीस' के नाम पर अतिरिक्त जोड़े जा रहे हैं। छात्रों का सीधा सवाल है कि जब उनकी प्रायोगिक परीक्षा का कोई प्रावधान ही नहीं है, तो कालेज प्रशासन किस बात का पैसा ले रहा है।

    करोड़ों के घोटाले की आशंका

    छात्रों ने इसे एक सुनियोजित और बड़ा वित्तीय स्कैम करार दिया है। छात्र नेता किशन कुमार झा, विमलेंदु चौधरी, पवन कुमार, संतोष आनंद ने कहा कि चारों जिलों में भूगोल सहित बिना प्रैक्टिकल विषय में नामांकन लेने वाले छात्रों की लाखों में है।

    ऐसे में बिना प्रैक्टिकल वाले छात्रों से भी 600-600 रुपये जोड़कर कालेजों की ओर से करोड़ों रुपये की अवैध उगाही की जा रही है। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और कालेज प्रबंधन की मिलीभगत से इस पूरे खेल को अंजाम दिया जा रहा है।

    खबरें और भी

    छात्रों ने दी आंदोलन की चेतावनी

    यूजीसी गाइडलाइंस का हवाला देते हुए छात्रों ने कहा कि नियमों को ताक पर रखकर यह वसूली की जा रही है। यदि इस अवैध शुल्क को तुरंत वापस नहीं लिया गया और नामांकन पोर्टल से इस राशि को नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

    छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने, वसूली पर रोक लगाने और दोषी अधिकारियों व कालेज प्रबंधनों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

    यह भी पढ़ें- ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में पीएचडी नामांकन ठप, 831 छात्रों का भविष्य दांव पर

    यह भी पढ़ें- बिहार में उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आयाम, प्राध्यापकों का होगा कौशल विकास

    इस तरह के मामले सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अब तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है।

    -

    प्रो. अशोक कुमार मेहता, डीएसडब्लू, लनामिवि, दरभंगा