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    डीएमसीएच में विधानसभा समिति का निरीक्षण, पानी और दवाओं की कमी पर गंभीर सवाल

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 03:06 PM (IST)

    Bihar Assembly Committee DMCH: दरभंगा के डीएमसीएच में विधानसभा की शून्यकाल अध्ययन समिति के निरीक्षण में इमरजेंसी, क्रिटिकल केयर यूनिट और सर्जिकल वार्ड ...और पढ़ें

    विधानसभा की शून्यकाल अध्ययन समिति की तीन सदस्यीय टीम में शामिलक विधायक।

    विधानसभा की शून्यकाल अध्ययन समिति की तीन सदस्यीय टीम में शामिलक विधायक।

    HighLights

    1. विधानसभा समिति ने डीएमसीएच का निरीक्षण किया।

    2. अस्पताल में पानी, दवा और सफाई की कमी मिली।

    3. समिति ने तत्काल सुधार के सख्त निर्देश दिए।

    संवाद सहयोगी, दरभंगा। DMCH Water And Medicine Crisis: दरभंगा के दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) में रविवार को विधानसभा की शून्यकाल अध्ययन समिति की तीन सदस्यीय टीम ने निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान अस्पताल की इमरजेंसी, क्रिटिकल केयर यूनिट और सर्जिकल वार्ड में व्यवस्था की कई गंभीर कमियां सामने आईं।

    बंद मिले सेंट्रल एसी

    निरीक्षण के दौरान सर्जिकल भवन स्थित सेंट्रल एसी पूरी तरह बंद मिला, जिससे गर्मी में मरीजों की परेशानी बढ़ गई थी। इसके साथ ही इमरजेंसी और वार्डों में दवाओं की कमी, खराब पेयजल व्यवस्था और चारों तरफ पसरी गंदगी भी देखने को मिली।

    नल खराब और बेसिन सूखे

    समिति ने अस्पताल परिसर में जगह-जगह पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया, जहाँ नलों के पास पानी उपलब्ध नहीं था। मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि नल खराब होने के कारण इस तपती गर्मी में उन्हें बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है।

    तीन विधायकों की टीम

    विधानसभा के सभापति सह मधुबनी विधायक माधव आनंद के नेतृत्व में पहुंची टीम में वाल्मीकिनगर विधायक सुरेंद्र कुमार और पारू विधायक शंकर प्रसाद शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान डीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार झा भी टीम के साथ मौजूद रहे।

    जीवनरक्षक दवाओं की कमी

    इमरजेंसी ट्रायज एरिया और क्रिटिकल केयर यूनिट के निरीक्षण के दौरान दवा भंडार में एनएस 100 एमएल स्लाइन और सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। कई अन्य जरूरी दवाओं की अनुपलब्धता को लेकर मरीजों ने नाराजगी जताई।

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    छत पर आरओ प्लांट

    जांच में पाया गया कि सर्जिकल भवन की छत पर पांच आरओ प्लांट लगे हैं और देखरेख के लिए कर्मी भी तैनात हैं। इसके बावजूद वार्डों में पानी न पहुंचना और टॉयलेट तक सूखे मिलना प्रबंधन की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।

    उपाधीक्षक को सख्त हिदायत

    अस्पताल में पसरी गंदगी और अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए समिति ने उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार झा को पेयजल, सफाई और दवा आपूर्ति तत्काल दुरुस्त करने की सख्त हिदायत दी। समिति ने कहा कि व्यवस्था बनाकर छोड़ना काफी नहीं है।

    स्वास्थ्य मंत्री को रिपोर्ट

    समिति के सभापति माधव आनंद ने कहा कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अत्यंत संवेदनशील हैं। निरीक्षण में मिली सभी खामियों को रिपोर्ट में शामिल कर सरकार के समक्ष रखा जाएगा ताकि तुरंत सुधार हो सके।