जनगणना का बहाना नहीं बना पाएंगे मास्टर साहब, स्कूल से गायब रहने पर दरभंगा में दोटूक आदेश
E Shiksha Kosh Attendance: दरभंगा के गौड़ाबौराम प्रखंड में जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को लेकर प्रशासन ने सख्त आदेश जारी किया है। अब शिक्षक जनगणना क ...और पढ़ें

अब कोई भी शिक्षक जनगणना कार्य का हवाला देकर स्कूल से अनुपस्थित नहीं रह सकेगा। फाइल फोटो

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संवाद सहयोगी, गौड़ाबौराम (दरभंगा)। Teachers Census Duty: बिहार के दरभंगा जिले के गौड़ाबौराम प्रखंड में जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को लेकर प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सह चार्ज अधिकारी मिहिर मयंक ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक स्पष्ट और सख्त आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत अब कोई भी शिक्षक जनगणना कार्य का हवाला देकर स्कूल से अनुपस्थित नहीं रह सकेगा।
बीडीओ ने साफ कर दिया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले शिक्षकों पर बिना किसी ढील के तत्काल अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पहले या बाद में जनगणना का आदेश
प्रशासन की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि बिहार सरकार के शिक्षा विभाग और जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ), दरभंगा के पूर्व आदेश के तहत भारत की जनगणना 2027 के मकान सूचीकरण (House Listing) कार्य में कई शिक्षकों को प्रगणक और पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।
आदेश में यह भी पूरी तरह साफ था कि शिक्षक अपनी नियमित शैक्षणिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देंगे। वे जनगणना से जुड़ा काम या तो स्कूल शुरू होने से पहले करेंगे या फिर स्कूल बंद होने के बाद।
गायब होने की मिल रही थीं शिकायतें
दरअसल, पिछले कुछ समय से लगातार ऐसी गंभीर शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ शिक्षक खुद को “मार्क्ड ऑन ड्यूटी” (मार्क ऑन ड्यूटी) दिखाकर विद्यालय से नदारद रह रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभिन्न माध्यमों से मिली इन शिकायतों को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना का अधिकांश फील्ड वर्क (जमीनी काम) पहले ही पूरा किया जा चुका है, इसलिए अब स्कूल अवधि के दौरान गायब रहने का कोई तार्किक औचित्य नहीं बनता।
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'ई-शिक्षा कोष' ऐप पर लगानी होगी हाजिरी
नए सरकारी आदेश के मुताबिक, अब सभी संबंधित शिक्षकों को हर दिन तय समय पर विद्यालय पहुंचना होगा और “ई-शिक्षा कोष” ऐप के माध्यम से अपनी डिजिटल उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
यदि किसी शिक्षक का जनगणना से जुड़ा कोई काम अभी भी अधूरा या शेष है, तो उसे स्कूल की छुट्टी होने के बाद ही पूरा करना होगा। किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए।
बीडीओ मिहिर मयंक ने इसे अंतिम चेतावनी बताते हुए कहा है कि औचक निरीक्षण के दौरान यदि कोई शिक्षक दोषी पाया गया, तो उसकी रिपोर्ट तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को भेजकर सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।