17 अगस्त को दुर्लभ संयोग: सावन के तीसरे सोमवार पर मनेगी नागपंचमी, शिवालयों में विशेष तैयारी
बक्सर में 17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार और नागपंचमी एक साथ मनाई जाएगी, जिससे धार्मिक आस्था का विशेष ...और पढ़ें

सावन सोमवार और नागपंचमी का दुर्लभ संयोग, शिव-नाग पूजा का विशेष महत्व (AI Generated Image)
HighLights
17 अगस्त को सावन सोमवार और नागपंचमी एक साथ।
बक्सर में शिव और नाग देवता की विशेष पूजा।
श्रद्धालुओं में उत्साह, मंदिरों में तैयारियां जोरों पर।
जागरण संवाददाता, बक्सर। सावन में इस बार 17 अगस्त सोमवार को धार्मिक आस्था का विशेष संयोग बन रहा है। श्रद्धालु सावन के तीसरे सोमवार का व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करेंगे, वहीं इसी दिन नागपंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, 17 अगस्त को श्रावण शुक्ल पंचमी तिथि है और यह दिन सोमवार पड़ रहा है।
इसके एक दिन पहले यानी रविवार को प्रसिद्ध रामरेखाघाट पर जलभरी को लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसके अगले दिन सावन सोमवार को लेकर सुबह से ही शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा, भांग व पुष्प अर्पित करेंगे।
श्रद्धालु दिनभर उपवास रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन में सोमवार का व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दिन पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है।
प्रसिद्ध कर्मकांडी आचार्य अमरेंद्र कुमार शास्त्री का कहना है कि इसी दिन नागपंचमी होने से शिव आराधना के साथ नाग देवता की पूजा भी की जाएगी। घरों में नाग देवता की पूजा कर दूध, लावा और पुष्प अर्पित करने की परंपरा है।
कई स्थानों पर नाग देवता के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन भी होंगे। पंचांग के अनुसार, नागपंचमी 17 अगस्त को ही मनाई जाएगी।
विशेष संयोग से बढ़ी धार्मिक तैयारियां:
सोमवार और नागपंचमी एक ही दिन पड़ने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। मंदिरों में साफ-सफाई, सजावट और पूजा सामग्री की व्यवस्था की जा रही है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन और मंदिर समितियों की ओर से भी भीड़ को देखते हुए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
क्या है धार्मिक महत्व?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, नागपंचमी पर नाग देवता की पूजा करने से परिवार की सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना की जाती है। वहीं, सावन सोमवार पर भगवान शिव की आराधना कर श्रद्धालु मनोकामना पूर्ति और सुख-शांति की कामना करते हैं। इस तरह 17 अगस्त का दिन शिवभक्तों और नाग देवता के उपासकों के लिए विशेष महत्व वाला रहेगा।
