बक्सर में 578 करोड़ की दो सड़क प्रोजेक्ट पर नजर, गंगा पुल और डुमरांव बाईपास के लिए मुआवजे की समयसीमा तय
बक्सर में गंगा नदी पर नए पुल और डुमरांव बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण की बाधा दूर होने वाली है। ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश के भरौली में निर्माणाधीन गंगा पुल के एलिवेटेड संपर्क पथ का हिस्सा। जागरण
HighLights
गंगा पुल और डुमरांव बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण की बाधा दूर।
रैयतों को 26 अक्टूबर तक मुआवजे का दावा करने का अवसर।
बक्सर-बलिया गंगा पुल का 30 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा।
शुभ नारायण पाठक, बक्सर। गंगा नदी पर अतिरिक्त तीन लेन के पुल और एनएच-120 के डुमरांव बाईपास खंड के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की बाधा दूर होगी।
जिला समाहर्ता साहिला ने संबंधित रैयतों को 26 अक्टूबर तक मुआवजे के लिए दावा जमा करने का अवसर दिया है। समयसीमा तक दावा नहीं करने पर मुआवजा राशि और अभिलेख राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत व्यवहार न्यायालय, बक्सर को सौंप दिए जाएंगे।
रैयतों को अंतिम नोटिस के बाद मुआवजा भुगतान की समयसीमा तय
इसके बाद निर्माण कंपनी को जमीन पर दखल दिलाकर काम आगे बढ़ाया जाएगा। दोनों परियोजनाओं के लिए पहले भी शिविर लगाए गए थे।
गंगा पुल के लिए 30 और 31 दिसंबर 2025 को कार्यस्थल पर तथा 25 जुलाई 2026 को समाहरणालय के नए सभागार में शिविर लगा।
डुमरांव बाईपास के लिए मार्च 2024, नवंबर 2024 और जनवरी 2026 में शिविर आयोजित हुए। इसके बाद भी मुआवजा भुगतान लंबित रहने पर राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम की धारा 3एच(4) के तहत राशि सक्षम न्यायालय में जमा होगी। इसके बाद रैयतों को न्यायिक प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है।
गंगा पुल का 30 प्रतिशत काम पूरा
करीब 368 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह 3.2 किलोमीटर लंबा पुल बक्सर को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के भरौली क्षेत्र से जोड़ेगा।
इसका 30 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। परियोजना में गंगा की मुख्य धारा पर 1.2 किलोमीटर लंबा तीन लेन का पुल, यूपी छोर पर करीब डेढ़ किलोमीटर का एलिवेटेड और एट-ग्रेड संपर्क पथ, भरौली गोलंबर पर एलिवेटेड रोटरी और बक्सर छोर पर आधा किलोमीटर का एप्रोच रोड शामिल है।
कुल 40 पिलर बनेंगे। इनमें आठ नदी की मुख्य धारा और 32 कछार व मैदानी हिस्सों में होंगे। मुख्य धारा से बाहर पांच पिलर बक्सर की तरफ और शेष यूपी की ओर होंगे।
यह पुल पटना-बक्सर चार लेन कारिडोर (एनएच-922) को भरौली के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। केंद्र सरकार का प्रोजेक्ट माॅनिटरिंग ग्रुप इसकी समीक्षा कर रहा है।
पास के दो पुराने पुलों में एक कमजोर होने के कारण केवल हल्के वाहनों के लिए चालू है। नया पुल बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन व माल परिवहन को आसान बनाएगा।
डुमरांव बाईपास के लिए निविदा की तैयारी
डुमरांव-बिहारशरीफ एनएच-120 के तहत प्रस्तावित बाईपास 5.3 किलोमीटर लंबा और करीब 210 करोड़ रुपये की लागत वाला होगा। लगभग 10 मीटर चौड़े दो लेन के मार्ग में पेव्ड शोल्डर भी होंगे।
इसमें आरा-बक्सर रेलखंड पर डुमरांव और बरुना स्टेशनों के बीच करीब एक किलोमीटर लंबा चार लेन का रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनेगा।
बीते छह अक्टूबर को पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने आरओबी की जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग (जीएडी) को मंजूरी दी। अंतिम मंजूरी मिलते ही निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने परियोजना को वार्षिक कार्ययोजना में शामिल किया है। बाईपास बनने से बिक्रमगंज, दावथ और नवानगर की ओर से आने वाले वाहनों को डुमरांव के भीड़भाड़ वाले बाजार से नहीं गुजरना पड़ेगा।
रेलवे लाइन पार करने के लिए दूसरा आरओबी भी मिलेगा। पहला आरओबी डुमरांव पश्चिमी रेलवे समपार फाटक के पास एनएच-120 के मुख्य एलाइनमेंट पर बनना शुरू हो चुका है। दूसरा इससे पश्चिम की ओर बनेगा।
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