इंटर में जिला टॉपर, अब BPSC अफसर; बिहिया के निशांत कुमार बने युवाओं के लिए मिसाल, हुआ भव्य स्वागत
बिहिया के बारा गांव निवासी निशांत कुमार का 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सहायक निदेशक पद पर चयन होने के बाद गृह क्षेत्र में भव्य स्वागत किया गया। निशांत ...और पढ़ें

मां से गले मिल भावुक हुए निशांत। सौ-स्वजन
HighLights
निशांत कुमार का 70वीं बीपीएससी में सहायक निदेशक पद पर चयन।
इंटर में जिला टॉपर रहे, एनआईटी इलाहाबाद से इंजीनियरिंग की।
युवाओं को धैर्य और निरंतर प्रयास से सफलता का मंत्र दिया।
पंचायत सूत्र, कटेया (बिहिया)। 70वीं बीपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर बिहार प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए बारा गांव निवासी निशांत कुमार का सोमवार को अपने गृह क्षेत्र पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया।
बिहिया रेलवे स्टेशन पर परिजनों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने गाजे-बाजे, फूल-मालाओं और जोरदार नारों के साथ उनका अभिनंदन किया। ट्रेन से उतरते ही समर्थकों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया।
निशांत कुमार का चयन योजना एवं विकास विभाग (Planning and Development Department) में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर हुआ है।
यह बिहार प्रशासनिक सेवा का एक प्रतिष्ठित गजटेड पद माना जाता है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और लोग इसे गांव के लिए गौरव का क्षण बता रहे हैं।
लगन और मेहनत से हासिल की सफलता
निशांत शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं। इंटरमीडिएट परीक्षा में उन्होंने जिला टॉपर बनने के साथ पूरे बिहार में 13वां स्थान प्राप्त किया था।
इसके बाद उन्होंने एनआईटी इलाहाबाद से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के साथ लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हुए उन्होंने 70वीं बीपीएससी में सफलता हासिल की।
पूरा परिवार शिक्षा और सेवा से जुड़ा
निशांत कुमार एक शिक्षित परिवार से आते हैं। वे प्रतिष्ठित शिक्षक रहे स्वर्गीय रामदुलार राय के नाती हैं। उनके पिता विधानचंद राय और माता सीता राय दोनों सरकारी शिक्षक हैं।
परिवार के अन्य सदस्य भी विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी बहन गोल्डी बिहार पुलिस में इंस्पेक्टर हैं, जबकि बड़े भाई निशिकांत राय इंजीनियर हैं।
युवाओं को दिया सफलता का मंत्र
स्वागत समारोह के दौरान निशांत कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और परिवार को दिया। उन्होंने कहा, हर परिस्थिति में मेरे परिवार ने मेरा हौसला बढ़ाया। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और ईमानदारी से मेहनत की जाए तो सफलता जरूर मिलती है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे धैर्य, अनुशासन और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें। कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता।
पिता बोले- शिक्षा को बनाएं सबसे बड़ी प्राथमिकता
निशांत के पिता एवं सेवानिवृत्त शिक्षक विधानचंद राय ने कहा कि हर मध्यमवर्गीय परिवार को अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने कहा, संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन सही मार्गदर्शन, अनुशासन और लगातार मेहनत से कोई भी बच्चा बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।
निशांत कुमार की सफलता से बारा गांव सहित पूरे बिहिया क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यह भी पढ़ें- पटना की सॉफ्टवेयर इंजीनियर अमृता सिंह की बड़ी उपलब्धि; सबको छोड़ा पीछे, राष्ट्रपति से मिला गोल्ड मेडल