दिल्ली पहुंचा भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, जंतर-मंतर पर धरने पर बैठा परिवार; CBI जांच की मांग
दिल्ली के जंतर-मंतर पर भरत भूषण तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर मामले में न्याय और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर विशाल प्रदर्शन हुआ। ...और पढ़ें
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जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन। (जागरण)
HighLights
जंतर-मंतर पर भरत तिवारी के लिए न्याय की मांग।
कथित पुलिस एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग।
राष्ट्रपति को 53 लाख हस्ताक्षरों का ज्ञापन सौंपा।
संवाद सूत्र, शाहपुर (आरा)। भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के मामले में न्याय दिलाने तथा दोषी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
दोपहर एक बजे से शाम करीब पांच बजे तक चले प्रदर्शन में बिहार समेत कई राज्यों से हजारों लोग शामिल हुए। इस दौरान पूरा जंतर-मंतर 'भरत को न्याय दो' और 'दोषियों को फांसी दो' के नारों से गूंजता रहा।
प्रदर्शन का नेतृत्व पंकज त्रिपाठी और सरोज त्रिपाठी ने किया। भरत तिवारी की मां आशा देवी, बहन रूबी देवी और छोटे भाई चंदन तिवारी भी मंच पर मौजूद रहे।
प्रदर्शन में करणी सेना, काली सेना, हिन्दू महासभा, परशुराम सेना, राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा सहित कई सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भरत भूषण तिवारी गरीबों के हक और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते थे। इसी कारण सुनियोजित साजिश के तहत उनकी हत्या कर उसे पुलिस एनकाउंटर का रूप दिया गया।
स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि यदि यह एनकाउंटर नहीं, बल्कि हत्या है, तो इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
वहीं, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, पूर्व विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, नागेश सम्राट, दक्ष चौधरी, दीपक पंडित, हरियाणा के कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स, रमेश कुमार सुदामा तथा जन सुराज के नेता मनीष कश्यप समेत अन्य वक्ताओं ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई।
स्वजन का दावा, 53 लाख से अधिक लोगों ने किए हस्ताक्षर
स्वजन के अनुसार, शुक्रवार सुबह से ही देश के विभिन्न राज्यों से लोग जंतर-मंतर पहुंचने लगे थे। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रपति भवन कार्यालय को भरत तिवारी मामले में कार्रवाई की मांग संबंधी ज्ञापन भी सौंपा गया। स्वजन का दावा है कि ज्ञापन के साथ 53 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए हैं।