भरत भूषण तिवारी प्रकरण: 16 दिन में सिर्फ 4 आवेदन, न्यायिक जांच आयोग को अब भी साक्ष्य का इंतजार
भोजपुर के बिलौटी गांव में हुई पुलिस फायरिंग की न्यायिक जांच में 16 दिन बाद भी आम लोगों से साक्ष्य नहीं मिले हैं, केवल चार आवेदन आए हैं। इस बीच, मृतक भ ...और पढ़ें

भरत भूषण तिवारी (फाइल फोटो)
HighLights
न्यायिक जांच आयोग को 16 दिन में सिर्फ चार आवेदन मिले।
मृतक भरत भूषण तिवारी के परिजनों ने कोर्ट में याचिका दायर की।
एक एसटीएफ जवान जेल में, एसपी ने वारंट की खबर नकारी।
जागरण संवाददाता, आरा(भोजपुर)। भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुई पुलिस फायरिंग की घटना की न्यायिक जांच में साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया जारी है। आयोग की ओर से आम लोगों, संबंधित पक्षों और संगठनों से साक्ष्य व लिखित बयान मांगे जाने के 16 दिन बाद भी किसी आम व्यक्ति ने आयोग के समक्ष साक्ष्य नहीं दिया है।
अब तक चार आवेदन जरूर मिले हैं, लेकिन किसी आवेदक ने शपथपत्र या डिजिटल साक्ष्य जमा नहीं किया है।
चार आवेदन आए, लेकिन साक्ष्य अब तक नहीं
आयोग के सचिव सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार को कार्यालय में प्रेस वार्ता कर बताया कि 24 जुलाई को इच्छुक लोगों और संगठनों से घटना से जुड़े साक्ष्य एवं लिखित बयान मांगे गए थे।
इसके बाद अब तक चार आवेदन आयोग को प्राप्त हुए हैं। हालांकि इनमें से किसी ने अभी तक गवाही के लिए शपथपत्र अथवा फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए हैं।
एक आवेदक ने साक्ष्य देने की कही बात
सचिव ने बताया कि चार आवेदकों में से एक ने आयोग के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने की बात कही है। आयोग की ओर से संबंधित आवेदक से फोन पर संपर्क कर साक्ष्य जमा करने को कहा गया है। आयोग अब दूसरे चरण में घटना से जुड़े तथ्यों और प्रत्यक्ष साक्ष्यों को जुटाने पर जोर दे रहा है।
27 अगस्त तक दे सकेंगे साक्ष्य
आयोग ने घटना से संबंधित लोगों को साक्ष्य जमा करने के लिए 27 अगस्त 2026 तक का समय दिया है। इच्छुक व्यक्ति, व्यक्तियों का समूह, संगठन या संस्था शपथपत्र के साथ अपना लिखित बयान और घटना से संबंधित फोटो, वीडियो, आडियो समेत अन्य सुसंगत साक्ष्य जमा कर सकते हैं।
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हार्ड और साफ्ट कॉपी में जमा होगा बयान
आयोग के अनुसार साक्ष्य और शपथपत्र समर्थित लिखित बयान व्यक्तिगत रूप से, निबंधित डाक या ई-मेल के माध्यम से जमा किया जा सकता है।
आयोग ने संबंधित पक्षों से अपील की है कि घटना से जुड़ी जो भी महत्वपूर्ण जानकारी या प्रमाण उनके पास हैं, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराया जाए।
स्वजन ने कोर्ट से मांगी जांच की अद्यतन स्थिति
इधर, भरत भूषण तिवारी की हत्या से जुड़े मामले में उनके स्वजन ने अधिवक्ता संजीव कुमार के माध्यम से सीजेएम न्यायालय में पिटीशन दायर की है।
अधिवक्ता के अनुसार, शाहपुर थाना में दर्ज हत्या के मामले में आवेदन देकर अब तक हुई पुलिस जांच की पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।
साथ ही गवाही के दौरान जिन पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए हैं, उनके विरुद्ध चल रही कार्रवाई की अद्यतन स्थिति भी मांगी गई है।
12 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
अधिवक्ता के माध्यम से दायर आवेदन को न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है। मामले में अगली तिथि 12 अगस्त निर्धारित की गई है।
स्वजन की ओर से न्यायालय से अनुसंधान की वर्तमान स्थिति और संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक जवान जेल भेजा गया
भरत भूषण तिवारी की मौत को लेकर उनकी मां आशा देवी ने हत्या का आरोप लगाते हुए तत्कालीन डीएसपी, तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मियों के विरुद्ध शाहपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को दोषी पाए जाने के बाद उसे जेल भेजा गया है।
11 पुलिसकर्मियों के वारंट की खबर से एसपी ने किया इंकार
इधर, इंटरनेट मीडिया पर 11 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध वारंट जारी होने संबंधी खबर भी सामने आई है। भोजपुर एसपी राज ने ऐसी किसी कार्रवाई से संबंधित खबर से इंकार किया है।
मामले में न्यायिक जांच आयोग की ओर से साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया और पुलिस अनुसंधान, दोनों पर आगे की कार्रवाई को लेकर नजर बनी हुई है।
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