आरा-बैरिया ग्रीनफील्ड हाईवे: मथुरापुर में बनेगा सबसे चौड़ा 24 मीटर का पुल, भोजपुर में 20 KM फोरलेन का निर्माण
आरा-बैरिया ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना का स्वरूप स्पष्ट हो रहा है, जो बिहार के भोजपुर और उत्तर प्रदेश के बलिया को जोड़ेगी। 27 किमी लंबी इस सड़क में 20 ...और पढ़ें

आरा प्रखंड के यादवपुर के समीप 20 मीटर चौड़ा बनेगा पुल। जागरण
HighLights
आरा-बैरिया फोरलेन 27 किमी, 20 किमी बिहार, 7 किमी यूपी में।
महुली गंगा घाट पर विशाल पुल, कई छोटे-बड़े पुल प्रस्तावित।
भूमि अधिग्रहण गजट अगले माह, क्षेत्र के विकास को गति।
धर्मेंद्र कुमार सिंह, आरा। बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को नई मजबूती देने वाली बहुप्रतीक्षित आरा-बैरिया ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना का स्वरूप अब धीरे-धीरे स्पष्ट होने लगा है।
करीब 27 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में लगभग 20 किलोमीटर सड़क बिहार के भोजपुर जिले तथा शेष सात किलोमीटर उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बनाई जाएगी।
परियोजना के तहत भोजपुर में फोरलेन सड़क के साथ पुलों और अन्य संरचनाओं का भी व्यापक नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे गंगा के दोनों किनारों के बीच आवागमन तेज, सुरक्षित और सुगम हो सके।
योजना के अनुसार भोजपुर जिले के आरा प्रखंड में लगभग 11.5 किलोमीटर तथा बड़हरा प्रखंड में करीब 8.5 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण होगा।
नए एलाइनमेंट पर विकसित होगा हाईवे
यह ग्रीनफील्ड हाईवे नए एलाइनमेंट पर विकसित किया जाएगा, जिससे मौजूदा सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और भारी वाहनों को तेज एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी।
सड़क बनने से आरा और बलिया के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। साथ ही व्यापार, कृषि और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता बिहार की सीमा में महुली गंगा घाट के समीप बनने वाला विशाल गंगा पुल होगा। इसके अलावा भोजपुर जिले में तीन बड़े और पांच छोटे पुल बनाए जाने का प्रस्ताव है।
इन पुलों के निर्माण से बरसात के दौरान जल निकासी बेहतर होगी और ग्रामीण क्षेत्रों का सड़क संपर्क पूरे वर्ष बना रहेगा। यह फोरलेन परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी।
बल्कि भोजपुर और बलिया के बीच आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक संपर्क को भी नई दिशा देगी। स्थानीय लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की भी संभावना है। यही कारण है कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मथुरापुर में बनेगा सबसे चौड़ा पुल
बड़हरा प्रखंड के जोकहरी और गलचौर के पास छोटे पुल बनाए जाएंगे। इनमें जोकहरी में चार मीटर तथा गलचौर में 12 मीटर चौड़ा पुल प्रस्तावित है।
वहीं, आरा प्रखंड क्षेत्र में सारसिवान में 20 मीटर, महुली में सात मीटर, मथुरापुर में 24 मीटर तथा यादवपुर में दो स्थानों पर 20-20 मीटर चौड़े पुल बनाए जाएंगे।
इसके अलावा पीरौटा-बेला में सात मीटर तथा बहिराचक-पीरौटा के बीच 12 मीटर चौड़ा पुल भी प्रस्तावित है। इन सभी पुलों का डिजाइन भविष्य की यातायात आवश्यकताओं और जल प्रवाह को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
भोजपुर में बनने वाले प्रस्तावित पुल
| प्रखंड | स्थान | प्रस्तावित चौड़ाई |
|---|---|---|
| बड़हरा | जोकहरी | 4 मीटर |
| बड़हरा | गलचौर | 12 मीटर |
| आरा | सारसिवान | 20 मीटर |
| आरा | पीरौटा-बेला | 7 मीटर |
| आरा | महुली | 7 मीटर |
| आरा | मथुरापुर | 24 मीटर |
| आरा | बहिराचक-पीरौटा | 12 मीटर |
| आरा | यादवपुर | दो पुल, प्रत्येक 20 मीटर |
अगले माह तक भूमि अधिग्रहण का गजट जारी होने की उम्मीद
आरा-बैरिया ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण सहित सभी आवश्यक कागजी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार यदि सब कुछ योजना के अनुरूप रहा, तो अगले माह तक भूमि अधिग्रहण संबंधी गजट प्रकाशित कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
"आरा-बैरिया फोरलेन ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण के लिए सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई तेजी से की जा रही है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो अगले माह तक जमीन अधिग्रहण का गजट प्रकाशित कराने का प्रयास है। पूरी प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।"तनय सुल्तानिया, जिलाधिकारी, भोजपुर
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