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    बिहार विश्वविद्यालय विधेयक 2026 के विरोध में आर-पार की लड़ाई के मूड में शिक्षक, आंदोलन तेज करने का एलान

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 07:47 PM (IST)

    प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026 के विरोध में टीएमबीयू के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। ...और पढ़ें

    बिहार विश्वविद्यालय विधेयक 2026 के विरोध में आर-पार की लड़ाई के मूड में शिक्षक

    बिहार विश्वविद्यालय विधेयक 2026 के विरोध में आर-पार की लड़ाई के मूड में शिक्षक

    HighLights

    1. टीएमबीयू शिक्षक-कर्मचारी बिहार विश्वविद्यालय विधेयक 2026 का विरोध कर रहे।

    2. विधेयक से विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और अधिकार प्रभावित होंगे।

    3. विरोध में आक्रोश मार्च निकाला, आंदोलन तेज करने की चेतावनी।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026 के विरोध में टीएमबीयू के शिक्षक अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। महाविद्यालय की स्वायत्तता और विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली पर प्रस्तावित विधेयक के असर को लेकर शिक्षकों ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है।

    शिक्षकों के आंदोलन को शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का भी साथ मिला है। 11 अगस्त से 25 अगस्त तक सभी शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर दोपहर 1:30 से 2 बजे तक विरोध में नारेबारी करेंगे, जबकि पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर प्रस्तावित विधेयक पर छात्रों व अभिभावकों के साथ संवाद करने का निर्णय लिया है।

    इससे पूर्व विरोध में सोमवार को टीएमबीयू के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने एकजुट होकर आक्रोश मार्च निकाला। संयुक्त संघर्ष मोर्चा, शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के नेतृत्व में निकला मार्च ओल्ड पीजी कैंपस स्थित दिनकर भवन परिसर से विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन तक पहुंचा।

    इस दौरान शिक्षक-कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रस्तावित विधेयक को वापस लेने की मांग की। प्रशासनिक भवन पहुंचकर कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा गया।

    शिक्षक एवं कर्मचारियों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और शिक्षक-कर्मचारियों के अधिकारों को प्रभावित करने वाला है। इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी ने एक स्वर में विधेयक का विरोध करते हुए आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही।

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    मार्च में टीएनबी महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. मो. मुश्फिक, सचिव सह सिंडिकेट सदस्य डॉ. निर्लेश कुमार, मारवाड़ी महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. संगीत कुमार, सचिव डॉ. सुपेन्दर यादव, स्नातकोत्तर शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. केके मंडल, सचिव डॉ. अभिषेक आनंद, मुरारका महाविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए।

    वहीं स्नातकोत्तर मैथिली विभाग के अमिताभ चक्रवर्ती समेत शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के प्रतिनिधि सुशील मंडल, सीनेट सदस्य रंजीत कुमार यादव, प्रकाश पाठक, दीपक कुमार, निरंजन कुमार सहित सैकड़ों कर्मचारियों ने भी मार्च में हिस्सा लिया। डॉ. स्वास्तिका दास, डॉ. कमला पाढ़ी, डॉ. श्वेता पाठक, डॉ. स्वाति यादव, डॉ. करूणा, डॉ. दिव्या समेत अन्य महिला शिक्षकों ने विधेयक के विरोध में आवाज बुलंद की।

    दूसरी ओर बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के पूर्व प्रक्षेत्रीय अध्यक्ष व टीएमबीयू पेंशनर संघर्ष मंच के सह-संयोजक अमरेंद्र झा ने कहा कि बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026 बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम-परिनियम 1976 का खुला उल्लंघन है।

    उन्होंने कहा कि विधेयक से शिक्षकों-कर्मियों के हितों से जुड़े न्यायिक आदेश भी प्रभावित होंगे। विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित हुई तो शिक्षक-कर्मी सड़क से सदन तक विरोध करेंगे। जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट की शरण भी ली जाएगी। मंच आंदोलन को नैतिक समर्थन देगा।