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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पप्पू यादव का CM नीतीश पर तंज, पिकनिक पार्टी है निश्चय यात्रा

By Amit AlokEdited By:
Published: Wed, 14 Dec 2016 01:08 PM (IST)Updated: Wed, 14 Dec 2016 10:29 PM (IST)

सासंद पप्पू यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी निश्चय यात्रा पिकनिक पार्टी है। पप्पू ...और पढ़ें

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भागलपुर [जेएनएन]। जन अधिकार पार्टी के संरक्षक एवं मधेपुरा के सांसद पप्पू यादव ने मंगलवार शाम बेनामी संपत्ति की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की। पप्पू ने भागलपुर समाहरणालय में भूमिहीन गरीबों पर लाठीचार्ज की घटना की न्यायिक जांच कराने और एसडीओ व डीएसपी के निलंबन की भी मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की निश्चय यात्रा को पिकनिक यात्रा करार दिया।

पप्पू ने नीतीश की निश्चय यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि वे इंज्वॉय करने जिलों में जा रहे हैं। यह उनकी पिकनिक यात्रा है। उन्होंने सात निश्चय में शिक्षा व स्वास्थ्य को शामिल नहीं करने की भी आलोचना की।

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भागलपुर समाहरणालय लाठीचार्ज पर उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज में किसी नेता की बेटी या पत्नी घायल होती तो मामला उछल जाता। निरीह पर लाठी चली और पक्ष-विपक्ष के लोग चुप हैं। कहा कि भागलपुर की घटना पर कार्रवाई नहीं हुई तो बिहार बंद भी हो सकता है।

पप्पू ने कहा कि उनकी पार्टी इन मुद्दों को लेकर 20 दिसंबर को रेल व 22 दिसंबर को सड़क जाम करेगी। 23 दिसंबर को जिला मुख्यालय में भाजपा-जदयू के कार्यालयों में डेरा डालो-घेरा डालो कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

पप्पू ने सवाल किया कि अगर नीतीश कुमार नोटबंदी के पक्ष में हैं तो लालू प्रसाद चुप क्यों है? क्या काला धन खत्म करने के लिए चुनावी मैदान में कांग्रेस, भाजपा सहित अन्य दल एक मंच पर प्रचार करने आएंगे? मेधा घोटाले के आरोपी लालकेश्वर व उषा सिन्हा की बेनामी संपत्ति अब तक जब्त क्यों नहीं हुई? पप्पू ने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वे सरकार की जाति के हैं।

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पप्पू ने सभी जनप्रतिनिधियों की नोटबंदी के पहले और बाद की संपत्तियों की जांच सीबीआइ या आयकर विभाग से कराने की मांग की। कहा कि राज्यसभा व विधान परिषद में लोग पैसे की बदौलत जा रहे हैं। इनमें ड्रग्स माफिया, भू-माफिया आदि शामिल हैं। विधान परिषद में जाने के लिए 10 करोड़ रुपये तक खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सदन को अस्तित्व में रखना है तो सामाजिक व शैक्षणिक योग्यता वाले लोगों को लाना चाहिए।