यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: 'मैं ही थामे हुए हूं भागलपुर की राजनीति', गोपाल मंडल ने इस MLA-MP को जमकर सुनाया
बिहार की राजनीति में एक बार फिर से हलचल मच गई है। गोपालपुर के जदयू विधायक गोपाल मंडल ने बिहपुर के भाजपा विधायक ई. शैलेंद्र पर अगड़ी-पिछड़ी देखकर विकास ...और पढ़ें

HighLights
- गोपाल मंडल ने भाजपा विधायक पर अगड़ी-पिछड़ी की राजनीति करने का लगाया आरोप
- ई. शैलेंद्र ने कहा- ओछी टिप्पणी करना गोपाल मंडल की आदत
संवाद सूत्र, बिहपुर (भागलपुर)। गोपालपुर के जदयू विधायक गोपाल मंडल ने बिहपुर के भाजपा विधायक ई. शैलेंद्र पर अगड़ी-पिछड़ी देखकर विकास करने का आरोप लगाया तो भागलपुर सांसद अजय मंडल पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। उनके बयान से भागलपुर की राजनीति फिर गर्म हो गई है।
खरीक प्रखंड की राघोपुर पंचायत में शनिवार सुबह जाह्नवी चौक से लत्तीपुर जाने वाली सड़क पर गंगा के पानी का दबाव बढ़ने के कारण स्लूस (जलद्वार) से पानी का बहाव गांव की ओर होने लगा। यहां गोपालपुर विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल भी पहुंचे।
उन्होंने काम में लापरवाही का ठीकरा बिहपुर के भाजपा विधायक ई. शैलेंद्र पर फोड़ दिया। उन्होंने कहा कि स्लूस पर काम कराते समय उन्हें सूचना नहीं दी गई है। कारण यह कि ई. शैलेंद्र बिहपुर के विधायक हैं व वे गोपालपुर के।
मैं ही थामे हुए हूं भागलपुर की राजनीति: गोपाल मंडल
गोपाल मंडल ने कहा कि वे पूरे बिहार की राजनीति करते हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि भागलपुर की राजनीति को वे ही थामे हुए हैं। बिहपुर विधायक ई. शैलेंद्र ने यहां पर कुछ समय पूर्व अपने मन से कार्य कराने के लिए चदरा और मिट्टी तो हटवा दी, लेकिन जरूरी ध्यान नहीं दिया। इस कारण आज यह स्थिति बन गई है।
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शैलेंद्र फारवर्ड हैं, इसलिए...
उन्होंने कहा कि यह बैकवर्ड इलाका है और विधायक शैलेंद्र फारवर्ड हैं, इसलिए उन्होंने सबकुछ बर्बाद कर दिया। सांसद अजय मंडल पर भी वे बरसे।
उन्होंने कहा कि सांसद कहां रहते हैं, पूछिए ही मत। उन्हें जिता तो दिया, लेकिन सांसद को इस क्षेत्र से कोई मतलब ही नहीं है।
ओछी टिप्पणी करना गोपाल मंडल की आदत: ई. शैलेंद्र
इधर, बिहपुर विधायक ई. शैलेंद्र ने कहा कि बार-बार ओछी टिप्पणी करना गोपाल मंडल की आदत हो गई है। चर्चा में बने रहने के लिए इस तरह की अव्यावहारिक बात किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देती है। भाजपा का कार्यकर्ता और नेता पार्टी के सिद्धांत और संस्कार के अनुसार जात नहीं, जमात की बात करता है।