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    बजट 2026 : ₹12.2 लाख करोड़ का Cepex बजट भारत के विकास को देगा नई रफ्तार: दिलीप निराला

    Updated: Sun, 01 Feb 2026 10:04 PM (IST)

    Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में संघीय बजट 2026-27 पेश किया। आर्थिक चिंतक दिलीप निराला के अनुसार, ₹12.2 लाख करोड़ का Cepex बजट ...और पढ़ें

    आर्थ‍िक च‍िंंतक द‍िलीप न‍िराला ने केंद्रीय बजट की प्रशंसा की।

    आर्थ‍िक च‍िंंतक द‍िलीप न‍िराला ने केंद्रीय बजट की प्रशंसा की।

    ड‍िज‍िटल डेस्‍क, भागलपुर। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में संघीय बजट 2026-27 पेश क‍िया। यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है।  "इस साल के लिए Cepex बजट (सड़क, रेलवे, पुल, बंदरगाह और एयरपोर्ट) ₹12.2 लाख करोड़ रखा गया है, जो देश की विकास यात्रा के लिए एक सराहनीय कदम है। इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देना ही कारोबारी माहौल को बेहतर बनाएगा।"

    सीपेक बजट: विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

    आर्थिक चिंतक दिलीप निराला ने कहा क‍ि इस वर्ष के लिए Cepex बजट (सड़क, रेलवे, पुल, बंदरगाह और एयरपोर्ट) को ₹12.2 लाख करोड़ रखा गया है, जो देश की विकास यात्रा के लिए एक सराहनीय कदम है। इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देना ही कारोबारी माहौल को बेहतर बनाएगा।

    नए ‘इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड’ के जरिए सरकार ने निजी कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक अहम पहल की है। इसके तहत, यदि कोई प्राइवेट कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में जोखिम का सामना करती है, तो सरकार कुछ हिस्सा कवर करेगी। इससे बैंकों का लोन देने में भरोसा बढ़ेगा। इसके साथ ही, जिन सरकारी संपत्तियों का उपयोग कम हो रहा है, उन्हें निजी कंपनियों के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा और सरकार को इससे आय होगी। 

    द‍िलीप न‍िराला ने कहा कारोबार के लिए माल ढुलाई की सुगमता और लागत कम करना बेहद जरूरी है। इसके तहत, कोलकाता के डानकुनी से लेकर गुजरात के सूरत तक एक विशेष कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही, अगले पांच सालों में 20 नए जलमार्ग विकसित किए जाएंगे, जिनमें ओडिशा में बन रहे 600 किलोमीटर लम्बे जलमार्ग से शुरुआत की जाएगी। इनलैंड वाटरवे जहाज-रिपेयर और इकोसिस्टम बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। 2047 तक जलमार्ग से माल ढुलाई का हिस्सा 6% से बढ़ाकर 12% करने का लक्ष्य है। इससे न केवल ट्रांसपोर्ट सस्ता होगा, बल्कि एक्सपोर्ट्स को भी बढ़ावा मिलेगा।

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    श्री न‍िराला ने कहा क‍ि रेलवे के क्षेत्र में 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर्स का निर्माण भी स्वागत योग्य कदम है। यह देश के महत्वपूर्ण शहरों को आपस में जोड़कर कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। इन हाईस्पीड रेल कॉरिडोर्स में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, बेंगलुरु-चेन्नई, हैदराबाद-चेन्नई, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। इन परियोजनाओं से व्यापार और रोजगार में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

    उन्‍होंने आगे कहा क‍ि विकास के साथ प्रदूषण एक बड़ी चिंता बनकर उभर रहा है। इसे नियंत्रित करने के लिए अगले 5 वर्षों में फैक्ट्रियों से निकलने वाले CO₂ को पकड़ने और फिर उसे पुन: उपयोग करने की तकनीक (CCUS) विकसित की जाएगी, जिसके लिए ₹20,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा। पावर, स्टील, सीमेंट और रिफाइनरी जैसे उद्योगों में इसकी अत्यधिक आवश्यकता है। भारतीय उद्योग को भविष्य के वैश्विक मानकों के लिए तैयार किया जा रहा है, क्योंकि आने वाले समय में ये मानक और सख्त हो सकते हैं।