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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अरे भैया इ का? अब शिक्षक बनने के लिए ये काम करना जरूरी, बिहार में वर्षों से पढ़ा रहे गुरुजी भी हो रहे फेल

    By Sanjay SinghEdited By: Aysha Sheikh
    Updated: Tue, 10 Oct 2023 10:31 AM (IST)

    Bihar Teacher शिक्षकों के कमर कस लेने का समय आ गया है। अब ज्ञान के आधार पर बहाली होगी। संविदा शिक्षकों की बहाली में शैक्षणिक अनुभव को नहीं माना जाएगा ...और पढ़ें

    अरे भैया इ का? अब शिक्षक बनने के लिए ये काम करना जरूरी, बिहार में वर्षों से पढ़ा रहे गुरुजी भी हो रहे फेल
    अरे भैया इ का? अब शिक्षक बनने के लिए ये काम करना जरूरी, बिहार में वर्षों से पढ़ा रहे गुरुजी भी हो रहे फेल

    HighLights

    1. संविदा शिक्षकों की बहाली में अनुभव को नहीं मिलेगी प्राथमिकता
    2. संविदा पर पूर्व से पढ़ा रहे शिक्षकों को लेना होगा इंटरव्यू में भाग

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय प्रशासन वोकेशनल और प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई कराने वाले संविदा शिक्षकों की बहाली में शैक्षणिक अनुभव को नहीं मानेगा। बहाली के इच्छुक सभी आवेदकों को इंटरव्यू से गुजरना होगा।

    इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि टीएमबीयू में अलग-अलग विषयों के शिक्षकों को लेकर चल रहे इंटरव्यू में अधिकांश लोग फेल हो रहे हैं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि चाहे शिक्षक 15 साल से पढ़ा रहे हों, उन्हें भी अभी जारी बहाली प्रक्रिया से गुजरना होगा और इंटरव्यू देना होगा।

    बिना इंटरव्यू के नहीं पढ़ा सकेंगे

    कुलपति प्रो. जवाहर लाल ने कहा कि वोकेशनल और प्रोफेशनल कोर्स में संविदा पर शिक्षकों की बहाली के लिए हो रहे इंटरव्यू में जो पास होंगे, वे ही शिक्षक बनेंगे। कोई शिक्षक 15 साल या इससे भी पहले से पढ़ा रहे हैं और इस आधार पर बिना इंटरव्यू लिए उनकी सेवा जारी रखने का दावा कर रहे हैं, तो यह मान्य नहीं होगा।

    कुलपति ने कहा कि अगर किसी विषय में 25-30 आवेदक हैं, तो मात्र तीन से चार ही साक्षात्कार में पास हो रहे हैं। जो आवेदक असफल हो रहे हैं, उनमें वर्षों से पढ़ाते रहे कई शिक्षक भी हैं। यही वजह है कि इनसे पढ़े ज्यादातर छात्र उन मानकों को पूरा नहीं कर पाते हैं, जो प्लेसमेंट के लिए जरूरी है।

    शिक्षकों ने क्या मांग की थी?

    साथ ही कुलपति ने कहा कि संविदा की अवधि 11 महीने की होती है। इसके बाद सेवा रिन्यूअल करने के लिए भी इंटरव्यू की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। बताते चलें कि वोकेशनल-प्रोफेशनल कोर्स में कई वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों ने टीएमबीयू प्रशासन सहित राजभवन से मांग की थी कि चूंकि वे कई वर्षों से पढ़ा रहे हैं, इसलिए उन्हें साक्षात्कार से अलग रखा जाए।

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