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    सिल्क सिटी से सात समंदर पार : लंदन के नेहरू सेंटर में भागलपुर का तसर; याद की गईं डॉ. कादंबिनी गांगुली व शारदा सिन्हा

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 05:59 AM (IST)

    लंदन के नेहरू सेंटर में 'इंडियन हैंडलूम डे' पर बिहार की समृद्ध विरासत और महिला सशक्तिकरण का प्रदर्शन किया गया। भागलपुर के विश्वप्रसिद्ध तसर सिल्क को अ ...और पढ़ें

    यूके में 'इंस्पायरिंग इंडियन वुमन' के समारोह में भागलपुर की 79 वर्षीया वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रतिमा मोदी ने किया प्रतिनिधित्व

    यूके में 'इंस्पायरिंग इंडियन वुमन' के समारोह में भागलपुर की 79 वर्षीया वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रतिमा मोदी ने किया प्रतिनिधित्व

    HighLights

    1. लंदन में भारतीय हथकरघा दिवस पर बिहार की विरासत का प्रदर्शन।

    2. भागलपुर के तसर सिल्क और मधुबनी पेंटिंग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली।

    3. डॉ. कादंबिनी गांगुली सहित बिहार की वीरांगनाओं को किया गया स्मरण।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। लंदन के प्रतिष्ठित 'नेहरू सेंटर' में आयोजित 'इंडियन हैंडलूम डे' (भारतीय हथकरघा दिवस) समारोह में बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, महिला सशक्तिकरण और सिल्क सिटी भागलपुर के विश्वप्रसिद्ध तसर सिल्क का डंका बजा।

    'इंस्पायरिंग इंडियन वुमन यूके' द्वारा आयोजित ‘ड्रॉप इन लेगेसी’ कार्यक्रम में भारत के 18 से अधिक राज्यों की हथकरघा परंपराओं को प्रदर्शित किया गया। इसमें बिहार और झारखंड की समृद्ध विरासत का प्रतिनिधित्व भागलपुर की 79 वर्षीया सेवानिवृत्त सिविल सर्जन व प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिमा मोदी ने किया। उन्होंने यूके में रह रहीं बिहार की पांच ब्रिटिश-इंडियन महिलाओं के साथ मिलकर भागलपुर के तसर, घिचा सिल्क और मधुबनी पेंटिंग के अद्भुत संगम को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया।

    भागलपुर में जन्मीं देश की पहली महिला डॉक्टर कादंबिनी गांगुली का हुआ विशेष स्मरण

    कार्यक्रम के दौरान बिहार की उन वीरांगनाओं और विदुषियों को याद किया गया, जिन्होंने इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इसमें भागलपुर में जन्मीं डॉ. कादंबिनी गांगुली का विशेष रूप से स्मरण किया गया। वर्ष 1861 में जन्मीं डॉ. कादंबिनी एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति से डिग्री हासिल करने वाली भारत की पहली महिला डॉक्टरों में से एक थीं।

    इसके साथ ही, चंपानगर (भागलपुर) की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी महारानी सुभद्रांगी (सम्राट अशोक की माता), मिथिला की बेटी माता सीता, लोकगायिका पद्मभूषण शारदा सिन्हा और जमशेदपुर में जन्मीं वैश्विक अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा के योगदान को भी मंच से रेखांकित किया गया।

    Bhagalpur Tussar Silk Shines at London Nehru Centre (1)

    250 महिलाओं को रोजगार देने वाली आशा झा और ब्रिटिश हस्तियों की रही मौजूदगी

    डॉ. प्रतिमा मोदी ने बताया कि मधुबनी कला को आजीविका का साधन बनाकर 250 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कलाकार आशा झा की उपलब्धियों को भी सम्मानित किया गया।

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    इस अंतरराष्ट्रीय समारोह में ब्रिटिश सांसद वीरेंद्र शर्मा, ब्रिटेन की पहली भारतीय महिला पुलिस अधिकारी पूनम रावल, सैन्य अधिकारी अशोक चौहान, पूर्व राजनयिक मोनिका कपिल मोहता और नेहरू सेंटर की कार्यकारी निदेशक सलोनी सहाय सहित कई विदेशी व भारतीय गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।