बिहार शिक्षा जगत का मान; उदयपुर की राष्ट्रीय कार्यशाला में भागलपुर के 3 शिक्षक चयनित, बक्सर में 6 गुरुजनों को सम्मान
भागलपुर के तीन शिक्षक उदयपुर में राष्ट्रीय कार्यशाला में अंग प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं, बक्सर में आयोजित राज्य स्तरीय स ...और पढ़ें

उदयपुर के CCRT में 12 से 21 अगस्त तक राष्ट्रीय कार्यशाला में भाग लेंगे भागलपुर के तीन शिक्षक, SCERT ने जारी की सूची। बक्सर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में महर्षि विश्वामित्र गुरु सम्मान-2026 से सम्मानित हुए जिले के छह शिक्षक-शिक्षिकाएं
HighLights
भागलपुर के तीन शिक्षक उदयपुर राष्ट्रीय कार्यशाला हेतु चयनित।
अंग प्रदेश की मंजूषा कला, लोक परंपराएं प्रस्तुत होंगी।
बक्सर में छह शिक्षकों को 'विश्वामित्र गुरु सम्मान' मिला।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। अंग प्रदेश की समृद्ध और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत अब राजस्थान के उदयपुर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय मंच पर अपनी अमिट छाप छोड़ेगी। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से भागलपुर जिले के तीन प्रतिभाशाली शिक्षकों को 'अवर कल्चरल डायवर्सिटी' (हमारी सांस्कृतिक विविधता) विषय पर आयोजित विशेष कार्यशाला में भाग लेने के लिए मनोनीत किया गया है।
यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कार्यशाला 12 से 21 अगस्त तक राजस्थान के उदयपुर स्थित 'सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्स एंड ट्रेनिंग' (CCRT) में आयोजित होगी।
इन तीन शिक्षकों का हुआ चयन, राष्ट्रीय स्तर पर देंगे प्रस्तुति
इस राष्ट्रीय कार्यशाला में रामधारी इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय (तेतरी पकड़ा, नवगछिया) की शिक्षिका डॉ. अमृता कुमारी, मध्य विद्यालय तेतरहार (नाथनगर) की शिक्षिका इफत इमरान और ललित नारायण मिश्र बालिका उच्च विद्यालय (भ्रमरपुर, नारायणपुर) के शिक्षक डॉ. चंदन कुमार भागलपुर का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कार्यशाला के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों के बीच भारत की सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपराओं, कला, भाषा और स्थानीय विरासत को स्कूली शिक्षा से जोड़ने पर मंथन होगा। इस मंच के माध्यम से भागलपुर के शिक्षक अंग क्षेत्र की प्रसिद्ध 'मंजूषा कला', लोकगीतों, लोक परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों को देश भर के सामने प्रस्तुत करेंगे।
राजकीय शिक्षक सम्मान से नवाजी जा चुकी हैं डॉ. अमृता, डिजिटल शिक्षा में दक्ष हैं इफत
चयनित शिक्षकों की अपनी विशिष्ट उपलब्धियां रही हैं। डॉ. अमृता कुमारी को बीते वर्ष 'राजकीय शिक्षक सम्मान' से नवाजा जा चुका है। वह मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत आपदा प्रबंधन की राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनर भी हैं।
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वहीं शिक्षिका इफत इमरान ने एससीईआरटी के माध्यम से 'पीएम ई-विद्या' योजना को जिला स्तर पर लागू करने का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जिससे कार्यशाला में डिजिटल शिक्षा के अनुभवों का आदान-प्रदान होगा। तीसरे शिक्षक डॉ. चंदन कुमार की सहभागिता भी जिले के शैक्षणिक जगत के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। कार्यशाला से लौटने के बाद ये शिक्षक अपने अनुभवों को जिले के अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ साझा करेंगे।
बक्सर में चमके भागलपुर के शिक्षक, मिला विश्वामित्र गुरु सम्मान
बक्सर जिले के डुमरांव में विकास फैमिली क्लब एवं एक्टिव टीचर्स एंड स्टूडेंट्स ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में 'शिक्षा, संस्कृति, संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण' विषय पर राज्य स्तरीय सेमिनार सह सम्मान समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन डुमरांव के महाराजा मान विजय सिंह, विधायक राहुल सिंह, डायट डुमरांव के प्राचार्य नवनीत सिंह एवं संयोजक मनोज मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया।
समारोह में शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए भागलपुर के छह शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में कहलगांव के प्रधान शिक्षक विवेकानंद सिंह व अर्जुन केशरी, शिक्षक डॉ. नयन तिवारी, गोराडीह के शिक्षक उत्तम कुमार, बिहपुर की शिक्षिका बिजली कुमारी, नवगछिया की प्रधान शिक्षिका अंजनी भारती और नाथनगर की शिक्षिका स्नेहलता द्विवेदी शामिल हैं। इस दोहरी सफलता से जिले के शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है।