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    भागलपुर नगर निगम स्थायी समिति चुनाव : 7 में से 4 नए चेहरे, 3 ने बचाई अपनी कुर्सी, एक वोट रद, 22 उम्मीदवार थे चुनाव मैदान में

    Updated: Sat, 30 May 2026 10:47 PM (IST)

    भागलपुर नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति के सात सदस्यों के लिए चुनाव संपन्न हुए, जिसमें 4 नए चेहरे चुने गए और 3 सदस्यों ने अपनी सीट बरकरार रखी। कुल 49 प ...और पढ़ें

    नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति के 7 सदस्यों का चुनाव संपन्न, चार नए चेहरे शामिल, तीन ने बचाई कुर्सी

    नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति के 7 सदस्यों का चुनाव संपन्न, चार नए चेहरे शामिल, तीन ने बचाई कुर्सी

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर के समीक्षा भवन में शुक्रवार को नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति के सात सदस्य पदों के लिए चुनाव संपन्न हुआ। चुनाव प्रक्रिया का संचालन चुनाव पर्यवेक्षक सह डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह और निर्वाचन पदाधिकारी दिनेश राम की देखरेख में शांतिपूर्ण ढंग से किया गया। सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया दोपहर बाद 3 बजे तक चली। इस दौरान पार्षदों ने उत्साहपूर्वक मतदान में हिस्सा लिया और नए प्रतिनिधियों के चयन में अपनी भूमिका निभाई।

    49 पार्षदों ने किया मतदान, एक वोट हुआ रद

    नगर निगम में कुल 51 पार्षद हैं, जिनमें वार्ड संख्या 40 का पद रिक्त है। वहीं वार्ड 23 की पार्षद रश्मि रंजन मतदान में शामिल नहीं हुईं। इस तरह कुल 49 पार्षदों ने वोट डाले।चुनाव में एक दिलचस्प मामला सामने आया, जब एक पार्षद का वोट सभी सातों सीटों पर रद्द कर दिया गया। बताया गया कि बैलेट पेपर में उम्मीदवार के नाम के आगे क्रॉस का निशान लगाने के बजाय नाम पर ही क्रॉस लगा दिया गया था, जिसके चलते वोट अमान्य घोषित किया गया।

    22 उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला

    सात सदस्य पदों के लिए कुल 22 पार्षदों ने दावेदारी की थी। मतपेटियों में अलग-अलग संख्या में उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ। मतपेटी संख्या एक में तीन, दो में दो, तीन में तीन, चार में दो, पांच में छह, छह में तीन और सात में तीन उम्मीदवार थे। चुनाव में कई सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिली, जबकि कुछ जगहों पर स्पष्ट अंतर से परिणाम सामने आए।

    पहले मतपेटी के परिणाम में डा. प्रीति शेखर विजयी

    मतपेटी संख्या एक में डा. प्रीति शेखर ने जीत दर्ज की। उन्हें 27 वोट मिले, जबकि अमृत राज को 16 और प्रीति देवी को 5 वोट प्राप्त हुए। एक वोट अवैध घोषित किया गया। इस परिणाम के साथ डा. प्रीति शेखर ने अपनी स्थिति मजबूत करते हुए समिति में जगह बनाई।

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    दूसरे और तीसरे मतपेटी में संजय सिन्हा और निकेश कुमार की जीत

    मतपेटी संख्या दो में संजय कुमार सिन्हा ने रंजीत मंडल को छह वोटों से हराया। संजय को 27 वोट और रंजीत को 21 वोट मिले। वहीं एक वोट रद हुआ। मतपेटी संख्या तीन में निकेश कुमार विजयी घोषित किए गए। उन्हें 22 वोट मिले, जबकि शांडिल्य नंदीकेश को 19 और अनिल पासवान को 7 वोट प्राप्त हुए। इस मुकाबले में कड़ी टक्कर देखने को मिली।

    चौथे और पांचवें मतपेटी में अभिषेक आनंद और मनीष यादव की जीत

    मतपेटी संख्या चार में अभिषेक आनंद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 30 वोट प्राप्त किए। उनके प्रतिद्वंदी पंकज गुप्ता को 18 वोट मिले, जबकि एक वोट अवैध रहा। मतपेटी संख्या पांच में सबसे अधिक छह उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ। इसमें मनीष यादव ने 17 वोट लेकर जीत दर्ज की। जाबिर अंसारी को 9, कुमारी कल्पना और सोनी देवी को 6-6, जबकि बीबी नुसरत और रूपा देवी को 5-5 वोट मिले।

    छठे और सातवें मतपेटी में अश्विनी जोशी और बबीता देवी विजयी

    मतपेटी संख्या छह में अश्विनी जोशी ‘मोंटी’ ने 28 वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की। धीरज कुमार और अशोक पटेल को 10-10 वोट मिले, जबकि एक वोट अवैध घोषित किया गया। मतपेटी संख्या सात में बबीता देवी ने 20 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की। गोविंद बनर्जी को 18 वोट और कहकशां परवीन को 10 वोट मिले।

    तीन ने बचाई अपनी सीट, चार नए चेहरे शामिल

    इस चुनाव में तीन मौजूदा सदस्यों ने अपनी कुर्सी बचाने में सफलता पाई, जबकि चार नए चेहरों को पार्षदों ने मौका दिया। विजेताओं में डा. प्रीति शेखर, संजय कुमार सिन्हा और निकेश कुमार ने अपनी स्थिति बरकरार रखी। वहीं बबीता देवी, अश्विनी जोशी ‘मोंटी’, मनीष यादव और अभिषेक आनंद नए सदस्य के रूप में चुने गए।

    प्रमाण पत्र वितरण और शपथ ग्रहण

    मतगणना के बाद विजयी उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इसके बाद निर्वाचन पदाधिकारी दिनेश राम ने सभी सातों विजयी सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

    समर्थकों में खुशी, शहर के विकास का संकल्प

    परिणाम घोषित होने के बाद विजयी पार्षदों के समर्थकों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई। पार्षदों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। विजयी सदस्यों ने भरोसा दिलाया कि वे नगर निगम के विकास कार्यों को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि समिति के माध्यम से शहर में स्वच्छता, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए गंभीरता से काम किया जाएगा।

    मेयर कार्यालय में हुआ सम्मान समारोह

    नगर निगम परिसर स्थित मेयर कार्यालय में शुक्रवार को सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव के बाद नवनिर्वाचित सदस्यों के स्वागत एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मेयर डा. बसुंधरा लाल ने अपने कार्यालय कक्ष में सभी नवनिर्वाचित सदस्यों का भव्य स्वागत किया।

    पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर किया सम्मान

    मेयर ने सभी सदस्यों को पुष्पगुच्छ (बुके) और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके नए दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान नगर निगम कार्यालय में उत्साह और नई ऊर्जा का माहौल देखने को मिला।

    स्थायी समिति को बताया विकास की रीढ़

    मेयर डा. बसुंधरा लाल ने कहा कि सशक्त स्थायी समिति नगर निगम के विकास और कार्यप्रणाली की रीढ़ होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी सदस्य एकजुट होकर शहर के विकास, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और जनहित की योजनाओं को धरातल पर उतारने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

    अधिकारियों और पार्षदों की रही मौजूदगी

    कार्यक्रम में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, पार्षदगण एवं कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक आगामी 2 जून को आयोजित की जाएगी। मेयर ने नगर आयुक्त को पत्र जारी कर बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया है।

    विकास कार्यों पर होगा महत्वपूर्ण निर्णय

    बैठक में नगर निगम क्षेत्र के विकास कार्यों, प्रशासनिक मामलों और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा। मेयर ने कहा कि विभिन्न विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों पर समयबद्ध निर्णय लेना आवश्यक है, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

    विभागीय अधिकारियों को तैयारी के निर्देश

    मेयर ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी नवनिर्वाचित सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए नगर आयुक्त को समय रहते सूचना उपलब्ध कराने को कहा गया है। साथ ही संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक संचिकाओं (फाइलों) और प्रतिवेदनों के साथ बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा कर प्रभावी निर्णय लिए जा सकें।