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    PM पोषण योजना पर शिक्षा विभाग सख्त; भागलपुर में 2 घंटे में स्कूल पहुंचेगा खाना, बरसात में हरी सब्जियों पर लगा बैन

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 10:12 AM (IST)

    शिक्षा विभाग ने बरसात में पीएम पोषण योजना के तहत मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। भागलपुर सहित सभी विद्यालयों में बैंग ...और पढ़ें

    मध्याह्न भोजन योजना निदेशक विनायक मिश्र ने जारी किया पत्र; लापरवाही पर मानदेय कटौती, निलंबन व प्राथमिकी की चेतावनी

    मध्याह्न भोजन योजना निदेशक विनायक मिश्र ने जारी किया पत्र; लापरवाही पर मानदेय कटौती, निलंबन व प्राथमिकी की चेतावनी

    HighLights

    1. बरसात में बैंगन, भिंडी, साग, पत्ता गोभी पर रोक।

    2. भोजन की गुणवत्ता जांचने के बाद ही बच्चों को परोसें।

    3. केंद्रीकृत रसोई से 2 घंटे में भोजन पहुंचाना अनिवार्य।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। बरसात के मौसम में सरकारी विद्यालयों में संचालित पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब भागलपुर सहित सूबे के सभी विद्यालयों में बरसात के दौरान बैंगन, भिंडी, सभी प्रकार के साग और पत्ता गोभी के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

    मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय के निदेशक विनायक मिश्र ने सोमवार को पत्र जारी कर सभी विद्यालयों और केंद्रीकृत रसोईघरों (Centralized Kitchens) का नियमित निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं।

    उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों को केवल स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन ही उपलब्ध कराया जाए। गुणवत्ता में कमी या लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी, कर्मी अथवा संस्था के विरुद्ध स्पष्टीकरण, मानदेय कटौती, स्थानांतरण, निलंबन, प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और सेवा समाप्ति जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    सब्जियों और खाद्य सामग्री के भंडारण पर विशेष नजर

    विभाग ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO), कार्यक्रम प्रबंधक और प्रखंड साधन सेवी (BRP) को विद्यालयों व रसोईघरों के विशेष निरीक्षण का जिम्मा सौंपा है:

    • गुणवत्ता की जांच: भोजन बनाने में उपयोग होने वाले चावल, दाल, तेल, मसाले और सोयाबीन की गुणवत्ता जांचने के बाद ही इस्तेमाल की अनुमति होगी।

    • एक्सपायरी डेट की जांच: पैकबंद खाद्य सामग्री की समाप्ति तिथि (Expiry Date) की अनिवार्य जांच होगी और नमी से बचाने के लिए सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जाएगा।

    • सब्जियों पर बैन का कारण: बरसात में बैंगन, भिंडी, साग और पत्ता गोभी में कीट (कीड़े) लगने की संभावना अधिक रहती है। इनके स्थान पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ताजी और सुरक्षित सब्जियों का ही उपयोग होगा।

    30-35 मिनट की दूरी और चखने के बाद ही परोसने का नियम

    • शिक्षक पहले चखेंगे भोजन: विद्यालय और केंद्रीकृत रसोईघर में तैयार भोजन को रसोइया, प्रधानाध्यापक अथवा शिक्षक पहले चखकर (Taste test) उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे, इसके बाद ही बच्चों को परोसा जाएगा।

  • 2 घंटे में डिलीवरी का नियम: केंद्रीकृत रसोई से तैयार भोजन को अधिकतम दो घंटे के भीतर विद्यालयों तक पहुंचाना अनिवार्य होगा।

  • दूरी की सीमा: रसोई और विद्यालय के बीच की दूरी ऐसी हो कि वाहन से 30 से 35 मिनट के भीतर खाना पहुंच सके।

  • विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि स्थानीय विवाद या किसी अन्य कारण से भोजन की गुणवत्ता प्रभावित करने की कोशिश की गई, तो जांच के बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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