विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

भागलपुर में 22 वार्डों की अनदेखी का विवाद खत्म: मेयर ने 51 वार्डों के लिए भेजी 15.71 करोड़ की योजना, जल्द निकलेगा टेंडर

Published: Tue, 08 Sep 2026 02:17 PM (IST)

Bhagalpur Municipal Corporation: भागलपुर नगर निगम में 22 वार्डों की अनदेखी को लेकर पार्षदों के बीच उपजा गतिरोध अब समाप्त ...और पढ़ें

Bhagalpur Municipal Corporation: 22 वार्डों के विवाद के बाद सभी 51 वार्डों के लिए 15.71 करोड़ की योजनाएं तय, मेयर ने भेजी सूची

Bhagalpur Municipal Corporation: 22 वार्डों के विवाद के बाद सभी 51 वार्डों के लिए 15.71 करोड़ की योजनाएं तय, मेयर ने भेजी सूची

HighLights

  1. 22 वार्डों की अनदेखी का विवाद अब खत्म हुआ।

  2. मेयर ने 15.71 करोड़ की योजनाएं नगर आयुक्त को सौंपी।

  3. सभी 51 वार्डों में विकास कार्यों का टेंडर जल्द।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Municipal Corporation: भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में विकास योजनाओं के आवंटन को लेकर पार्षदों के बीच उपजा गतिरोध अब पूरी तरह समाप्त हो गया है। पूर्व की कार्ययोजना में कई क्षेत्रों की अनदेखी के आरोपों के बाद अब निगम प्रशासन ने संतुलन साधते हुए शहर के सभी 51 वार्डों के लिए विकास योजनाओं का नया खाका खींच लिया है।

मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने सोमवार को कुल 15.71 करोड़ रुपये की लागत वाली योजनाओं की संशोधित सूची नगर आयुक्त को सौंप दी है। इसके साथ ही मेयर एवं डिप्टी मेयर द्वारा अनुशंसित इन विकास कार्यों के लिए अविलंब ई-निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

  • पूर्व में 22 वार्डों का नाम गायब होने पर पार्षदों ने जताया था कड़ा विरोध, अब सभी 51 वार्डों के लिए नई कार्ययोजना तैयार

  • मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने नगर आयुक्त को भेजी 15.71 करोड़ रुपये की योजनाओं की सूची, जल्द टेंडर निकालने का निर्देश

  • सशक्त स्थायी समिति और पार्षदों ने तकनीकी-प्रशासनिक स्वीकृति पूरी कर एनआईटी पोर्टल पर अपलोड करने की रखी मांग

  • सड़क, आरसीसी नाला, पीसीसी पथ, पेयजल पाइपलाइन, डीप बोरिंग और प्याऊ निर्माण कार्यों को दी गई प्राथमिकता

नगर आयुक्त को भेजे गए औपचारिक प्रस्ताव में मेयर ने स्पष्ट किया है कि ये सभी योजनाएं शहर के अलग-अलग वार्डों में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, नागरिक सुविधाओं का दायरा बढ़ाने और वर्षों पुरानी जलजमाव जैसी गंभीर समस्याओं के स्थायी समाधान से जुड़ी हैं। इन कार्यों का समय पर धरातल पर उतरना बेहद जरूरी है, लिहाजा निगम की तकनीकी शाखा को तेजी से टेंडर प्रकाशन की कागजी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

सशक्त स्थायी समिति ने भी उठाई जल्द ई-टेंडर की मांग

इस फैसले के बाद सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों और विभिन्न वार्डों के पार्षदों ने भी एकजुटता दिखाते हुए नगर आयुक्त को पत्र सौंपा है। समिति ने आग्रह किया है कि मेयर द्वारा चयनित एवं अनुशंसित इन योजनाओं की आवश्यक तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृति जल्द से जल्द पूरी कराई जाए, ताकि विभागीय पोर्टल पर तत्काल नोटिस इनवाइटिंग टेंडर (एनआईटी) जारी हो सके। पार्षदों का कहना है कि टेंडर में अनावश्यक देरी होने से शहरवासियों को विकास कार्यों का लाभ मिलने में विलंब होगा।

नई सूची में संतुलन

गौरतलब है कि इससे पहले जब विकास योजनाओं की प्रारंभिक सूची जारी की गई थी, तब नगर निगम में भारी खींचतान और विवाद की स्थिति बन गई थी। पार्षदों ने खुलकर आरोप लगाया था कि सूची में मनमानी करते हुए 22 वार्डों को पूरी तरह विकास से वंचित रखा गया है। इस भेदभाव को लेकर निगम की बैठकों में पार्षदों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। अब नई कार्ययोजना में सभी 51 वार्डों को शामिल कर जनप्रतिनिधियों की नाराजगी दूर करने का प्रयास किया गया है।

नई सूची के तहत शहर में मुख्य रूप से पीसीसी पथ निर्माण, आरसीसी नाला, जर्जर सड़कों की मरम्मत, पुलिया निर्माण, पाइपलाइन विस्तार, डीप बोरिंग और सार्वजनिक प्याऊ की स्थापना जैसी योजनाएं शामिल की गई हैं। खासकर जिन वार्डों में बारिश के दिनों में जलभराव और गर्मियों में पेयजल संकट रहता है, वहां नाला निर्माण और जलापूर्ति से जुड़े कार्यों को शीर्ष वरीयता दी गई है। निविदा प्रक्रिया पूरी होते ही शहर भर में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।