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मंजूषा हटिया में 20 हजार की बिक्री, भागलपुर DM अलंकृता पाण्डेय ने खरीदी कलाकृति, बोलीं- कलाकारों को मिलेगा Online बाजार

Published: Wed, 07 Oct 2026 09:21 AM (GMT+05:30)

Bhagalpur Manjusha Hatiya: भागलपुर संग्रहालय परिसर में आयोजित पांचवीं मंजूषा हटिया में 20 हजार से अधिक की बिक्री हुई। जिलाधिकारी ...और पढ़ें

HighLights

  1. मंजूषा हटिया में 20 हजार से अधिक की कलाकृतियों की बिक्री।

  2. डीएम ने मंजूषा कला को ऑनलाइन बाजार से जोड़ने पर जोर दिया।

  3. बाढ़ पीड़ित बच्चों की कलाकृतियों ने जीता सबका दिल।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Manjusha Hatiya: अंग प्रदेश की समृद्ध लोक परंपरा और विश्वविख्यात मंजूषा कला को सीधा बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में एक और सकारात्मक पहल देखने को मिली। भागलपुर संग्रहालय परिसर में मंगलवार को पांचवीं 'मंजूषा हटिया सह लोक कला प्रदर्शनी' का भव्य आयोजन किया गया। स्थानीय लोक कलाकारों के उत्पादों को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सजी इस हटिया में दिनभर मेले जैसा उल्लास का माहौल रहा।

आयोजन के दौरान शहर के कला प्रेमियों ने 20 हजार रुपये से अधिक मूल्य की कलाकृतियों और हस्तनिर्मित उपयोगी सामग्रियों की खरीदारी की। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने स्टॉलों पर घूम-घूम कर कलाकारों द्वारा तैयार उत्पादों का अवलोकन किया और उनकी प्रतिभा की सराहना की।

डिजिटल व ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ेगी मंजूषा कला

डीएम अलंकृता पाण्डेय ने इस दौरान कलाकारों को स्थायी आर्थिक संबल देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मंजूषा कला को केवल प्रदर्शनियों तक सीमित रखने के बजाय इसे ऑनलाइन माध्यमों और बड़े डिजिटल मार्केट से जोड़ना बेहद जरूरी है, ताकि स्थानीय कलाकारों को नियमित रोजगार और आर्थिक अवसर मिल सकें। आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादों की पैकेजिंग और मार्केटिंग पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

Bhagalpur Manjusha Hatiya DM Pledges Online Market for Artists (1)

हटिया में मंजूषा शैली में तैयार टी-शर्ट, साड़ियां, दुपट्टे, रुमाल, आकर्षक बैग, शो-पीस, सजावटी पंखे, जूट क्राफ्ट और स्क्रीन प्रिंटिंग से सजे परिधानों की खूब बिक्री हुई। पारंपरिक कला को रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं पर उतारने के इस प्रयोग को आगंतुकों ने काफी सराहा।

बाढ़ पीड़ित बच्चों की कलाकृतियों ने जीता दिल, डीएम ने की खरीदारी

इस बार की मंजूषा हटिया का सबसे भावुक और खास आकर्षण बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे बच्चों द्वारा बनाई गई मंजूषा कलाकृतियां रहीं। संकट के दौर में भी बच्चों की रचनात्मकता देख हर कोई मुग्ध हो गया। जिलाधिकारी ने बच्चों की बनाई एक सुंदर कलाकृति स्वयं खरीदकर उनका हौसला बढ़ाया। इसके अलावा आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र के बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया।

Slug _ bhagalpur manjusha hatiya dm pledges online market for artists

जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने बताया कि मंजूषा हटिया का आयोजन प्रत्येक माह के पहले रविवार को किया जाता है, लेकिन इस बार जितिया पर्व की वजह से इसका आयोजन मंगलवार को सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि यह हटिया कलाकारों के बीच आपसी संवाद, कला के आदान-प्रदान और बाजार का एक साझा व सशक्त मंच साबित हो रही है। आयोजन के दौरान कलाकारों ने एक-दूसरे के स्टॉल से उत्पाद खरीदकर आपसी सहयोग की मिसाल भी पेश की।

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