यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भागलपुर को एक और फोर लेन की सौगात, मंजूरी के बाद सामने आई बड़ी अड़चन; अब 22 जनवरी को खुलेगा टेंडर
भागलपुर-भलजोर फोरलेन सड़क निर्माण के लिए पहले चरण में 917 करोड़ की राशि से अलीगंज बाइपास थाना से ढाकामोड खैरा गांव तक सड़क बनाई जाएगी। भू-अर्जन की समस्या ...और पढ़ें

HighLights
- अब तक वन विभाग से नहीं मिल सकी है एनओसी
- भू-अर्जन की मुआवजा राशि के लिए मोर्थ को पत्र भेजा गया पत्र
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर-भलजोर (हंसडीहा) फोरलेन सड़क बनना है। सड़क का निर्माण दो चरणों में होना है। पहले चरण में 917 करोड़ की राशि से अलीगंज बाइपास थाना से ढाकामोड खैरा गांव तक सड़क निर्माण में आने वाली भू-अर्जन की अड़चनें लगभग दूर कर ली गई है।
11 मौजों की थ्रीजी रिपोर्ट डीसीएलआर कार्यालय से एनएच को सौंपी गई है। अब मंत्रालय से रैयतों को राशि देने के लिए पत्र लिखा गया है। भू-अर्जन संबंधित समस्या का तो समाधान कर लिया गया, लेकिन अब तक वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण सड़क निर्माण में बाधक बन सकता है।
तीन हजार पेड़ काटने की चर्चा
- सड़क निर्माण के लिए तीन हजार पेड़ काटे जाएंगे। पिछले एक-डेढ़ साल से फाइल विभाग के पास पड़ा हुआ है।इधर, जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी नहीं होने के कारण 18 दिसंबर को खुलने वाली निविदा के खोलने की तारीख बढ़ाकर 22 जनवरी कर दी गई है।
- इधर, पोल-तार शिफ्टिंग के लिए विद्युत विभाग से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। भू-अर्जन के चक्कर में भागलपुर-भलजोर (हंसडीहा) फोरलेन सड़क निर्माण के लिए एजेंसी चयन से संबंधित निविदा खोलने की तारीख बार-बार फेल होता रहा है। पिछले 15 महीने में 14 बार तिथि बढ़ाई गई।
- इससे पहले 13 नवंबर को टेंडर खुलना था, लेकिन भू-अर्जन की कार्रवाई पूरी नहीं होने की वजह से टेंडर खोलने की तिथि बढ़ाकर 18 दिसंबर कर दी गई।
15 महीने से अटका है मामला
इसकी वजह से 15 महीने से भागलपुर-हंसडीह फोरलेन सड़क निर्माण अटका हुआ है। यदि समय पर निविदा खोली गई होती, तो छह-सात महीने पहले ही इस सड़क का निर्माण शुरू हो गया होता। अबतक विकास दिखने लगता, लेकिन 15 सितंबर 2023 को जारी की गई निविदा की तकनीकी बिड खोली जानी है।
एनएच के अभियंता ने बताया कि सड़क बनाने वाली एजेंसी का चयन होने के बाद भी वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने पर निर्माण कार्य में समस्या खड़ी होगी। एनओसी के लिए 12-14 बार पत्र लिखा गया है। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों ने जल्द एनओसी मिलने की बात कह रहे हैं।
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मई में सड़क निर्माण शुरू करने की योजना
अधिकारियों ने बताया कि 12 मौजों के लिए भू-अर्जन रिपोर्ट डीसीएलआर कार्यालय से मांगी थी। जिसमें एक मौजे की जमनी सरकारी निकलने से रिपोर्ट नहीं बन सकी है। एनएच ने भी काम में तेजी लाते हुए अधिकारियों को रजौन में लगाया है।
अधिकारी फोरलेन के अलाइनमेंट में उन मकानों को चिह्नित कर रहे हैं। जिनकी जमीन स्ट्रैच में आ रही है। पूरी रिपोर्ट बनाकर कार्यपालक अभियंता को देनी है।
90 प्रतिशत भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निविदा खोलने का निर्देश है। जमीन की मापी कराई जा रही है। दिसंबर में कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। एजेंसी का चयन कर मई में सड़क निर्माण शुरू करने की योजना है।