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    तेल संकट से हाहाकार : भागलपुर में पेट्रोल पंप ड्राई, मांग-आपूर्ति में बड़ा अंतर, नियमों की अनदेखी और ‘जुगाड़’ सिस्टम पर उठे सवाल

    Updated: Sat, 18 Apr 2026 11:20 AM (IST)

    भागलपुर में वैश्विक संकट के कारण पेट्रोल और डीजल की भारी कमी हो गई है। मांग के अनुरूप आपूर्ति न होने से कई पेट्रोल पंप सूख रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं क ...और पढ़ें

    भागलपुर में पेट्रोल-डीजल संकट गहराया, कई पंप हुए ड्राई

    भागलपुर में पेट्रोल-डीजल संकट गहराया, कई पंप हुए ड्राई

    HighLights

    1. वैश्विक संकट से भागलपुर में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति बाधित।

    2. मांग-आपूर्ति अंतर से कई पेट्रोल पंप हुए ड्राई।

    3. औद्योगिक डीजल की बढ़ी कीमतें, खुदरा आपूर्ति में धांधली।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। युद्ध जैसे वैश्विक संकट के असर से सिर्फ रसोई गैस ही नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने के कारण शहर के कई पेट्रोल पंप समय-समय पर ड्राई हो जा रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    जीरोमाइल का पंप हुआ ड्राई

    भारत पेट्रोलियम के हरिओम फ्यूल सेंटर, जीरोमाइल का पेट्रोल पंप शुक्रवार को डीजल और पेट्रोल खत्म होने के कारण ड्राई हो गया। पंप प्रबंधक कैलाश के अनुसार, रोजाना लगभग 25 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल की बिक्री होती है, जबकि आपूर्ति केवल 18 हजार लीटर ही मिल रही है।

    मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर

    प्रबंधक ने बताया कि तेल कंपनियों द्वारा मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं की जा रही है, जिससे यह स्थिति बन रही है। यही कारण है कि शहर के अधिकतर पेट्रोल पंपों पर भी इसी तरह की समस्या देखने को मिल रही है और कभी भी आपूर्ति बाधित हो जाती है।

    ‘आपदा में अवसर’ बना संकट

    इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में लगभग 22 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि ने औद्योगिक क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है। जहां एक ओर उद्योगों की लागत बढ़ी है, वहीं कुछ पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा इस स्थिति को अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

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    नियमों की अनदेखी और जुगाड़ सिस्टम

    सूत्रों के अनुसार, कई जगहों पर नियमों को दरकिनार कर बड़े उपभोक्ताओं को रिटेल डीजल की आपूर्ति की जा रही है। तेल कंपनियों ने एक बार में डीजल देने की सीमा तय की है, लेकिन इसके बावजूद फर्जी एंट्री और सांठगांठ के जरिए अधिक मात्रा में डीजल की निकासी हो रही है।

    फर्जी बिलिंग और कागजों का खेल

    जानकारी के अनुसार, कागजों में ट्रक, ट्रैक्टर और अन्य वाहनों की खपत दिखाकर वास्तविक डीजल उद्योगों और बड़ी इकाइयों तक पहुंचाया जा रहा है। इससे रिटेल उपभोक्ताओं पर दबाव और बढ़ गया है।

    बुल्क और रिटेल सप्लाई व्यवस्था

    तेल आपूर्ति प्रणाली दो भागों में विभाजित है—बुल्क सप्लाई और रिटेल सप्लाई। बड़े उद्योग और मोबाइल टावर कंपनियां सीधे बुल्क सप्लाई लेती हैं, जबकि छोटे उपभोक्ता पेट्रोल पंपों पर निर्भर रहते हैं।

    प्रशासन की नजर और जांच की तैयारी

    तेल कंपनियों ने इस पूरे मामले पर निगरानी तेज कर दी है और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    व्यवस्था पर उठे सवाल

    स्पष्ट नियमों के बावजूद भागलपुर में जिस तरह आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है और जुगाड़ तंत्र हावी होता दिख रहा है, उसने प्रशासनिक सख्ती और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

     

    इस संबंध में अभी कोई नई गाइडलाइन प्राप्त नहीं है। पेट्रोल पंपों से आम लोगों को सहज आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। यदि कोई आपदा में अवसर तलाशते हुए अनियमितता करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।


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    सुधीर कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, भागलपुर