भागलपुर में बाढ़ भी नहीं रोक सकेगी बच्चों की पढ़ाई, गुरुजी राहत शिविर में लगाएंगे पाठशाला
भागलपुर में गंगा और कोसी के बढ़े जलस्तर से गंभीर बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, जिससे हजारों परिवार प्रभावित ...और पढ़ें

बाढ़ के बावजूद नहीं रुकेगी बच्चों की पढ़ाई, भागलपुर प्रशासन ने राहत शिविरों में शुरू की पाठशाला
HighLights
भागलपुर में गंगा-कोसी के जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति।
प्रशासन ने राहत शिविरों में बच्चों की पढ़ाई शुरू कराई।
बाढ़ प्रभावित 2.17 लाख लोगों के लिए राहत कार्य जारी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। गंगा और कोसी के बढ़े हुए जलस्तर से जिले में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, लेकिन जिला प्रशासन ने राहत व बचाव कार्यों के साथ प्रभावित परिवारों के बच्चों की पढ़ाई भी जारी रखने की तैयारी की है।
सोमवार को जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाढ़ की मौजूदा स्थिति और प्रशासन की ओर से किए जा रहे राहत कार्यों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिले के 10 अंचलों की 56 पंचायतों के 178 गांव व क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं। इन इलाकों में 53,864 परिवारों की 2,17,811 आबादी प्रभावित हुई है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में 71 नावों का परिचालन किया जा रहा है। जरूरतमंद परिवारों को 3,990 पॉलीथिन शीट्स उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं, 15 सामुदायिक रसोई संचालित हैं, जहां अब तक 1,06,930 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है।
बाढ़ के कारण 4,669 परिवारों के 22,035 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें खरीक अंचल के 2,876 परिवारों के 14,382 और नाथनगर के 1,500 परिवारों के 6,188 लोग शामिल हैं।
राहत शिविरों में भोजन, स्वास्थ्य से पशुओं तक की व्यवस्था
बाढ़ राहत शिविरों में भी प्रभावित लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है। टीएनबी कॉलेजिएट, ईवनिंग कालेज, महाशय ड्योढ़ी, सीटीएस/चर्च मैदान, बाल निकेतन, टिल्हा कोठी/रविन्द्र भवन और पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान स्थित शिविरों में कुल 5,161 लोगों के लिए भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
राघोपुर के बाढ़ पीड़ितों के आवासन के लिए इस्माइलपुर के गणेश बासा में तीन राहत शिविर चिह्नित किए गए हैं।
स्वास्थ्य सुविधा के लिए 13 शिविर चलाए जा रहे हैं, जिनसे 5,359 लोग लाभान्वित हुए हैं। पशुओं के उपचार के लिए आठ पशु चिकित्सा शिविर और पांच चलंत दल सक्रिय हैं। अब तक 1,846 पशुओं का उपचार किया गया है। जिले में कुल 25,923 पशु बाढ़ से प्रभावित हैं।
राहत शिविर में लगेगी पढ़ाई की कक्षा
बाढ़ के कारण विद्यालयों के बंद रहने की स्थिति में बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को सभी बाढ़ राहत शिविरों में समय-सारणी बनाकर पठन-पाठन शुरू कराने का निर्देश दिया है।
विषयवार शिक्षकों और शारीरिक शिक्षकों की शीघ्र प्रतिनियुक्ति की जाएगी। यथासंभव उन विद्यालयों के शिक्षकों को राहत शिविरों में पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाएगी, जो बाढ़ के कारण फिलहाल बंद हैं।
प्रशासन का जोर है कि बाढ़ के दौरान परिवारों को भोजन, आवासन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ बच्चों का शैक्षणिक वातावरण भी बना रहे।
शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के बाद इसकी अनुपालन रिपोर्ट जिला आपदा प्रबंधन शाखा को उपलब्ध कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित विभागों और टीमों को सक्रिय रखा गया है, ताकि आवश्यकता के अनुसार राहत और बचाव कार्यों को तत्काल बढ़ाया जा सके।
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