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भागलपुर को जल्द मिलेगा हवाई सफर का तोहफा! अजगैबीनाथ ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की डीपीआर के लिए जियोटेक्निकल टेंडर जारी

By Abhishek PrakashEdited By: Dilip Kumar Shukla
Published: Sun, 21 Jun 2026 05:59 AM (IST)

RITES लिमिटेड ने भागलपुर के सुल्तानगंज में प्रस्तावित अजगैबीनाथ ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए भू-तकनीकी जांच का टेंडर जारी किया है। ...और पढ़ें

अजगैबीनाथ ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की डीपीआर का काम शुरू; 5 बड़े तकनीकी सर्वे से तय होगा भागलपुर के आसमान का रास्ता

अजगैबीनाथ ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की डीपीआर का काम शुरू; 5 बड़े तकनीकी सर्वे से तय होगा भागलपुर के आसमान का रास्ता

HighLights

  1. अजगैबीनाथ एयरपोर्ट के लिए भू-तकनीकी जांच का टेंडर जारी।

  2. जांच जुलाई के पहले सप्ताह से शुरू, 25 दिनों में पूरी।

  3. 931 एकड़ में 432 करोड़ की लागत से बनेगा एयरपोर्ट।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर और आसपास के जिलों के हवाई सफर का सपना संजोए बैठे लोगों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। सुल्तानगंज में प्रस्तावित अजगैबीनाथ ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। भारत सरकार के प्रतिष्ठित उपक्रम राइट्स (RITES) लिमिटेड ने एयरपोर्ट के लिए जियोटेक्निकल इन्वेस्टिगेशन (भू-तकनीकी जांच) कराने को लेकर आधिकारिक टेंडर जारी कर दिया है। इस जांच रिपोर्ट के आने के बाद ही यह तय होगा कि रनवे, टर्मिनल भवन और अन्य आधारभूत संरचनाओं का डिजाइन कैसा होगा और इसके तुरंत बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी।

जुलाई के पहले सप्ताह से शुरू होगी जांच, 25 दिनों में तैयार होगी फाइनल रिपोर्ट

राइट्स लिमिटेड से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया के बाद चयनित एजेंसी को कार्यादेश (Work Order) मिलने के ठीक पांच दिनों के भीतर अपनी विशेषज्ञ टीम को साइट पर तैनात करना होगा। इसके बाद टीम को अगले 15 दिनों के भीतर फील्ड जांच का काम पूरा करना होगा। फील्डवर्क समाप्त होने के महज दस दिनों के अंदर विस्तृत जियोटेक्निकल रिपोर्ट जमा करनी होगी, यानी यह पूरी प्रक्रिया अधिकतम 25 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। विभाग की तरफ से जुलाई के पहले सप्ताह से ही इस काम को जमीन पर शुरू करने की पूरी तैयारी है।

931 एकड़ जमीन पर 432 करोड़ की लागत से संवरेगा अंग क्षेत्र का भविष्य

जांच पूरी होने के बाद आठ प्रतियों (Eight Copies) में एक विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट राइट्स को सौंपी जाएगी। इस रिपोर्ट में जमीन सुधार, मिट्टी के स्थिरीकरण (Stabilization), रनवे की मजबूती और अन्य प्रमुख संरचनाओं की नींव के लिए जरूरी तकनीकी सुझाव शामिल रहेंगे। बता दें कि कुल 931 एकड़ जमीन पर 432.32 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले इस शानदार एयरपोर्ट से भागलपुर, बांका, मुंगेर और आसपास के क्षेत्रों को सीधा हवाई संपर्क (Air Connectivity) मिलेगा। इससे क्षेत्र के पर्यटन, सिल्क उद्योग और व्यापार को नई गति मिलेगी। विशेष रूप से विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला और अजगैबीनाथ धाम आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

छह मीटर गहरी बोरिंग कर मिट्टी की गुणवत्ता और भार क्षमता का होगा वैज्ञानिक परीक्षण

एयरपोर्ट निर्माण के लिए जमीन की आंतरिक मजबूती, मिट्टी की मूल प्रकृति और उसकी भार वहन क्षमता (Load Bearing Capacity) का अत्याधुनिक वैज्ञानिक परीक्षण किया जाएगा। इसके तहत जमीन में छह मीटर गहराई तक बोरिंग कर मिट्टी के अलग-अलग नमूने लिए जाएंगे। अलग-अलग स्तरों पर स्टैंडर्ड पेनिट्रेशन टेस्ट, घनत्व (Density), नमी, दाब क्षमता, ग्रेन साइज एनालिसिस, सीबीआर टेस्ट और बेयरिंग कैपेसिटी की जांच होगी। यदि किसी स्थान पर नीचे चट्टान मिलती है, तो उसकी भी मजबूती और संरचना का परीक्षण किया जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि रनवे, टैक्सी-ट्रैक, एप्रन और टर्मिनल भवन की नींव कैसी होगी।

जमीन की परख के लिए 65 स्थानों पर होगी ड्रिलिंग, 422 नमूनों की होगी लैब जांच

अजगैबीनाथ एयरपोर्ट की फाइनल डीपीआर तैयार करने के लिए प्रस्तावित एयरपोर्ट क्षेत्र में कुल 65 महत्वपूर्ण स्थानों पर बोरहोल ड्रिलिंग की जाएगी। इसके तहत मिट्टी के कड़े तकनीकी मानकों की जांच होगी। इसके साथ ही जमीन के भीतर से लिए गए कुल 422 मिट्टी नमूनों का आधुनिक लैब परीक्षण कराया जाएगा। इस बड़े वैज्ञानिक कार्य के अलावा 18 ट्रायल पिट (जांच गड्ढे) खोदकर सीबीआर टेस्ट, ग्रेन साइज एनालिसिस और एटरबर्ग लिमिट की बारीकी से जांच की जाएगी। साथ ही, भारी विमानों की लैंडिंग को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट रनवे के लिए विशेष सबग्रेड रिएक्शन टेस्ट भी कराया जाएगा ताकि रनवे की दीर्घकालिक मजबूती सुनिश्चित हो सके।