3 साल में बनीं 534 नई कंपनियां; CSR से खर्च हुए ₹33.15 करोड़, भागलपुर MP के सवाल पर केंद्र सरकार का आया यह जवाब
भागलपुर में वित्तीय वर्ष 2022-25 के दौरान 534 नई कंपनियां पंजीकृत हुईं और CSR मद से ₹33.15 करोड़ खर्च किए गए। केंद्र सरकार ने सांसद के सवाल के जवाब मे ...और पढ़ें

भागलपुर: 3 साल में पंजीकृत हुईं 534 नई कंपनियां; कंपनियों ने CSR फंड से स्वास्थ्य व शिक्षा पर खर्च किए ₹33.15 करोड़
HighLights
भागलपुर में 3 साल में 534 नई कंपनियां पंजीकृत हुईं।
CSR मद से ₹33.15 करोड़ सामाजिक कार्यों पर खर्च।
स्वास्थ्य सेवाओं पर सर्वाधिक ₹10.96 करोड़ का व्यय।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर जिले में उद्यमिता, स्वरोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार हो रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा में सांसद द्वारा पूछे गए प्रश्न संख्या 3576 के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी गई कि जिले में वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 के दौरान कुल 534 नई कंपनियां पंजीकृत हुई हैं।
इसके साथ ही, इसी अवधि के दौरान जिले में कार्यरत विभिन्न कंपनियों ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) मद से सामाजिक विकास के कार्यों पर 33.15 करोड़ रुपये का व्यय किया है।
CSR फंड से स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा ₹10.96 करोड़ का खर्च
केंद्र सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, CSR के तहत कंपनियों ने सबसे अधिक राशि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में खर्च की है।
विभिन्न क्षेत्रों में हुए CSR व्यय का ब्योरा:
स्वास्थ्य देखभाल (Healthcare): ₹10.96 करोड़
स्वच्छता (Sanitation): ₹5.45 करोड़
शिक्षा (Education): ₹4.40 करोड़
ग्रामीण विकास (Rural Development): ₹3.97 करोड़
जीविका संवर्धन (Livelihood Enhancement): ₹3.89 करोड़
इसके अतिरिक्त अन्य सामाजिक व जनकल्याणकारी योजनाओं में भी कंपनियां अपनी सीएसआर राशि का उपयोग कर रही हैं।
SPICe+ और AGILE-PRO-S से ऑनलाइन हुआ कंपनी रजिस्ट्रेशन
केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (व्यापार सुगमता) को बढ़ावा देने के लिए कंपनी पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन, सरल और एकीकृत कर दिया गया है। इसके लिए SPICe+ और AGILE-PRO-S जैसे डिजिटल पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है।
भौतिक कार्यालय की जरूरत नहीं
सरल केवाईसी प्रक्रिया और फास्ट-ट्रैक मर्जर जैसे फैसलों से व्यापार में सहूलियत हुई है। सरकार ने बताया कि भागलपुर में अलग से कंपनी पंजीकरण केंद्र या डीआईएन (DIN) कार्यालय खोलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, क्योंकि सभी सेवाएं डिजिटल माध्यम से घर बैठे उपलब्ध हैं। वहीं, MCA-21 डेटाबेस में अलग से वर्गीकृत न होने के कारण पंजीकृत 534 कंपनियों में स्टार्टअप्स की अलग संख्या उपलब्ध नहीं है।