Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हर शन‍िवार स्‍पेशल डे; बिहार के इस जिले में 161 स्‍कूलों के लिए बन गया प्‍लान, लड़क‍ियों को होगा फायदा

    By Khalid Tanveer Edited By: Vyas Chandra
    Updated: Sat, 17 Jan 2026 06:09 PM (IST)

    बेगूसराय शिक्षा विभाग ने किशोरियों के लिए 'एडोलसेंट प्रोग्राम फॉर गर्ल्स' शुरू किया है। यह योजना 161 उच्च विद्यालयों में लागू होगी, जहाँ सखी डेस्क स्थ ...और पढ़ें

    क‍िशोरियों के लिए की जा रही व्‍यवस्‍था।

    क‍िशोरियों के लिए की जा रही व्‍यवस्‍था।

    HighLights

    1. 161 उच्च विद्यालयों में सखी डेस्क स्थापित होंगे।

    2. नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और मासिक धर्म स्वास्थ्य जानकारी।

    3. हर माह 8 तारीख को किशोरी स्वास्थ्य दिवस।

    मो. खालिद, बेगूसराय। किशोरावस्था जीवन का वह निर्णायक दौर होता है, जहां एक सही पहल पूरे भविष्य की दिशा तय कर सकती है।

    इसको ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने जिले की किशोरियों के लिए एक व्यापक और दूरगामी योजना की शुरुआत की है।

    वित्तीय वर्ष 2025-26 में लागू होने जा रहा एडोलसेंट प्रोग्राम फार गर्ल्स (Adolescent Program for Girls) अब जिले के 161 उच्च विद्यालयों को केवल परीक्षा और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि उन्हें किशोरियों के संवाद, सुरक्षा और स्वास्थ्य का मजबूत आधार भी बनाएगा।

    अब तक कई विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राएं अपनी शारीरिक, मानसिक या सामाजिक समस्याओं को लेकर खुलकर बात नहीं कर पाती थीं।

    संकोच, डर और पारिवारिक दबाव के कारण उनकी आवाज दब जाती थी। शिक्षा विभाग की यह नई पहल उसी चुप्पी को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 

    चयनित स्कूलों में स्थापित होगा सखी डेस्क


    एडोलसेंट प्रोग्राम फार गर्ल्स के तहत चयनित 161 उच्च विद्यालयों में सखी डेस्क की स्थापना की जाएगी। यह डेस्क किशोरियों के लिए एक सुरक्षित मंच होगी, जहां वे बिना झिझक अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगी और उचित मार्गदर्शन प्राप्त करेंगी।

    कार्यक्रम के तहत किशोरियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्कूलों में टी-3 (टेस्ट, टाॅक और ट्रीटमेंट) हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे।

    इन शिविरों में स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ पोषण, स्वच्छता, मासिक धर्म स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। 

    हर माह की आठ तारीख को मनाया जाएगा किशोरी स्वास्थ्य दिवस

    एसएसए कार्यालय में इस योजना की निगरानी कर रही संभाग प्रभारी सायरा खातून ने बताया कि अभियान को प्रभावी और निरंतर बनाए रखने के लिए हर माह की आठ तारीख को किशोरी स्वास्थ्य दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है।

    इस दिन विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे, इनमें स्वास्थ्य पदाधिकारी, शिक्षा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और विषय विशेषज्ञ सीधे छात्राओं से संवाद करेंगे।


    हर सप्ताह होंगी रचनात्मक गतिविधियां


    किशोरियों के व्यक्तित्व विकास को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में वाद-विवाद, निबंध, भाषण, नृत्य, रंगोली सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जिला स्तर पर श्रेष्ठ प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा, जिससे उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होगा।

    खबरें और भी


    प्रति विद्यालय सात हजार रुपये होंगे खर्च

    शिक्षा विभाग ने इस कार्यक्रम के लिए प्रति विद्यालय सात हजार रुपये स्वीकृत किए हैं, ताकि संसाधनों की कमी किसी भी स्तर पर बाधा न बने।

    विभाग का यह कदम केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव का संकेत है। जब विद्यालय किशोरियों की बात सुनेंगे, उनकी सेहत की जिम्मेदारी लेंगे और उन्हें आत्मविश्वास से भरेंगे, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः दिखाई देगा।


    अगले सप्ताह से शुरू होगी कार्यवाही

    डीपीओ एसएसए आकाश कुमार ने बताया कि इस योजना के लिए जिले को 11 लाख 41 हजार रुपये प्राप्त हो चुके हैं। सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों से चयनित विद्यालयों की एक-एक शिक्षिका की सूची मांगी गई है, ताकि उन्हें प्रशिक्षित किया जा सके।

    प्रशिक्षण के बाद ये शिक्षिकाएं अपने-अपने विद्यालयों में कार्यक्रम का संचालन करेंगी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण से जुड़ी पूरी जानकारी और कार्यक्रम का शिड्यूल विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।