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    1470 करोड़ की बरौनी-हसनपुर रेल परियोजना; 28 साल से 50 किमी रेल लाइन का इंतजार, जनता पूछ रही- कब चलेगी ट्रेन?

    Updated: Sun, 24 May 2026 11:15 AM (GMT+05:30)

    पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्रा की बरौनी-हसनपुर रेल परियोजना तीन दशकों से सरकारी फाइलों में अटकी है, जिसकी अनुमानित लागत 1470 करोड़ रुपये है। 28 स ...और पढ़ें

    रेल परियोजना शुरू होने का इंतजार। प्रतीकात्‍मक फोटो

    रेल परियोजना शुरू होने का इंतजार। प्रतीकात्‍मक फोटो

    HighLights

    1. बरौनी-हसनपुर रेल परियोजना 28 साल से लंबित है।

    2. 1470 करोड़ की परियोजना, केवल 10 करोड़ सर्वे को।

    3. स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी, निर्माण की मांग।

    अरुण चन्द्र झा, गढ़पुरा (बेगूसराय)। पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्रा का ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाली बरौनी-हसनपुर नई रेल लाइन परियोजना आज भी सरकारी फाइलों और सर्वे तक सीमित है।

    करीब तीन दशक गुजर जाने के बावजूद इस बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। विडंबना यह है कि वर्ष 2026-27 के रेल बजट में भी इस परियोजना को कोई स्थान नहीं मिला। 

    28 साल में सिर्फ सर्वे, जमीन पर काम शून्य

    बरौनी-हसनपुर रेल लाइन परियोजना का पहला सर्वे वर्ष 1997-98 में कराया गया था, लेकिन वित्तीय कारणों से मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

    इसके बाद 2012-13 में परियोजना को दोबारा सर्वे सूची में शामिल किया गया और टेंडर भी जारी हुआ, मगर काम अधूरा रह गया।

    फिर 2013-14 में नए सिरे से सर्वे का टेंडर हुआ। वर्ष 2017-18 में कांवर झील को सुरक्षित रखते हुए संशोधित सर्वे रिपोर्ट तैयार की गई। इसके बावजूद परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।

    अब वर्ष 2025-26 में रेलवे ने सिर्फ ट्रैफिक सर्वे के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जबकि पूरी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1470 करोड़ रुपये बताई जा रही है। निर्माण कार्य के लिए पिंक बुक में एक रुपया तक आवंटित नहीं किया गया।

    1470 करोड़ की परियोजना, लेकिन सिर्फ 10 करोड़ का सर्वे

    स्थानीय लोग इसे सरकार की गंभीरता पर सवाल मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि वर्षों से सिर्फ सर्वे के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन निर्माण शुरू नहीं हो रहा।

    लोगों के बीच यह चर्चा है कि अगर सर्वे पर खर्च हुई राशि को निर्माण में लगाया जाता, तो अब तक रेल लाइन बनकर तैयार हो चुकी होती।

    कई जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

    करीब 50 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित बरौनी-हसनपुर रेल लाइन बनने से बेगूसराय जिले के गढ़पुरा, छौड़ाही, खोदावंदपुर, चेरिया बरियारपुर, भगवानपुर, तेघड़ा और बरौनी प्रखंड सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।

    इसके अलावा समस्तीपुर, दरभंगा और खगड़िया जिलों के दर्जनों गांवों को भी नई रेल सुविधा मिलने की उम्मीद है।

    परियोजना के तहत गौरा, भगवानपुर, दहिया, चेरिया बरियारपुर, मंझौल, जयमंगलागढ़ और गढ़पुरा जैसे संभावित स्टेशन विकसित किए जाने की चर्चा है।

    स्थानीय लोगों में बढ़ रही नाराजगी

    लगातार देरी से क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ प्रशासनिक उदासीनता नहीं, बल्कि इलाके के विकास के साथ अन्याय है।

    स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि बरौनी-हसनपुर रेल लाइन परियोजना को जल्द मंजूरी देकर निर्माण कार्य शुरू किया जाए। 

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