बांका में 154 पुलिस अधिकारियों का वेतन बंद, अनुसंधान में लापरवाही पर एसपी अमितेश कुमार का एक्शन
बांका एसपी अमितेश कुमार ने अनुसंधान में लापरवाही बरतने पर 154 पुलिस पदाधिकारियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। यह कार्रवाई लंबित मामलों के त्व ...और पढ़ें

एसपी अमितेश कुमार। फोटो जागरण
HighLights
बांका एसपी ने 154 अनुसंधान पदाधिकारियों का वेतन रोका।
जांच में लापरवाही और मामलों के विलंब के कारण कार्रवाई।
लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष फोकस किया गया।
बिजेन्द्र कुमार राजबंधु, बांका। योगदान देने के बाद एसपी अमितेश कुमार ने पुलिसिंग व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की दिशा में सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। कुख्यात अपराधी सचिन सिंह के हाफ एनकाउंटर के बाद जिला में अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष फोकस किया जा है।
इसी क्रम में कांडों की समीक्षा के दौरान अनुसंधान में लापरवाही सामने आने पर एसपी ने बुधवार को 154 अनुसंधान पदाधिकारियों (आईओ) का वेतन तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई आपराधिक मामलों का अनुसंधान निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा नहीं किया गया। अनुसंधान लंबित रहने से आरोपितों को कानूनी प्रक्रिया का लाभ मिलता है और मामलों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब होता है। इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए एसपी ने कड़ा रुख अपनाया है। एसपी ने सीधे तौर पर कहा कि समय पर अनुसंधान नहीं तो वेतन नहीं मिलेगा।
वेतन बंद किए गए अधिकारियों में लगभग सभी थाना क्षेत्रों के पुलिस पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें बांका, अमरपुर, रजौन, बेलहर, बाराहाट, कटोरिया, चांदन सहित अन्य थानों में पदस्थापित पुलिस इंसपेक्टर, छह से अधिक थानाध्यक्ष, अवर निरीक्षक और सहायक अवर निरीक्षक शामिल हैं। कार्रवाई की जद में आए अधिकारियों में अजय शर्मा, परमानंद, गुलशन पासवान, अमरेंद्र कुमार सहित कई अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल हैं।
एक से अधिक कांडों के प्रभार वाले आईओ की खोज
एसपी ने बताया कि ऐसे अनुसंधान पदाधिकारियों की विशेष समीक्षा की जा रही है जिनके पास एक साथ चार या उससे अधिक कांडों का अनुसंधान लंबित है। सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया गया है। समीक्षा में दोषी पाएं जाने पर वेतन बंद से लेकर विभागीय कार्रवाई तक की जाएगी।
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ज्ञात हो कि एसपी ने समीक्षा में पाया कि समय पर चार्जशीट व जख्म प्रतिवेदन न्यायालय नहीं पहुंचने पर आरोपितों को लाभ मिल जाता है। फिलहाल दो केस इस प्रकार के मिलने पर एसपी ने इसको लेकर नाराजगी भी प्रकट की है।
कांडों का अनुसंधान पुलिस की पहली जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि संबंधित अधिकारी अपने कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं लाते हैं, तो वेतन रोकने के अलावा इसके बाद विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल समीक्षा में 154 आईओ की शिथिलता सामने आने पर तत्काल वेतन बंद किया गया है। -अमितेश कुमार, एसपी, बांका