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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बांका में DEO की कार्रवाई से मचा हड़ंकप, 50 से ज्यादा शिक्षा अधिकारी सहित स्कूल प्रधान का वेतन बंद; सामने आई ये वजह

    Updated: Sat, 08 Feb 2025 12:43 PM (IST)

    अपार आईडी बनाने को लेकर DEO ने बड़ा एक्शन लिया है। जिले में सुस्त प्रदर्शन करने वाले चार दर्जन विद्यालय प्रधान के अलावा प्रखंड के प्रबंधक साधनसेवी का ...और पढ़ें

    चार दर्जन से ज्यादा विद्यालय प्रधानों का वेतन बंद
    चार दर्जन से ज्यादा विद्यालय प्रधानों का वेतन बंद

    HighLights

    1. अपार में सुस्ती पर 54 शिक्षा अधिकारी और प्रधान का वेतन बंद
    2. दो तिहाई से कम बच्चों का आईडी बनने पर डीईओ ने की कार्रवाई
    3. आंकड़ों में बाराहाट, चांदन, धोरैया और रजौन प्रखंड की ही स्थिति ठीक

    जागरण संवाददाता, बांका। APAAR Card: विद्यालयों में नामांकित बच्चों की अपार आईडी बनाने में पूरे सर्दी के मौसम में गुरुजी का पसीना उतरता रहा। मगर इस अपार से गुरुजी और उनके अधिकारी पार नहीं पा सके। अब एक बार फिर विभागीय आदेश पर सुस्त विद्यालय प्रधान और प्रखंड स्तर के बीपीएम, साधनसेवी का वेतन बंद करने का आदेश जारी किया है।

    चार दर्जन विद्यालय प्रधानों पर एक्शन

    जिला शिक्षा पदाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि राज्य स्तर की वीडियो कांफ्रेंसिंग में जिले की सुस्ती पर नाराजगी व्यक्त की गई है। इस पर संज्ञान लेते हुए चार दर्जन विद्यालय प्रधान के अलावा प्रखंड के प्रबंधक, साधनसेवी का वेतन बंद करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।

    शिविर लगाकर पूरा करने का आदेश

    डीईओ ने बताया कि सभी बीआरसी को शिविर लगाकर इस काम को अविलंब पूरा करने का आदेश दिया गया है। बच्चों की कुल संख्या का दो तिहाई से कम अपार बनाने वाले विद्यालय प्रधानों पर अभी कार्रवाई की गई है।

    जारी आंकड़े के मुताबिक केवल चार प्रखंड में स्थिति संतोषजनक है। इसमें बाराहाट, चांदन, धोरैया और रजौन प्रखंड की ही स्थिति ठीक मिली है। इस कारण इस चार प्रखंड के अधिकारी कार्रवाई से बच गए हैं।

    फुल्लीडुमर, बेलहर, बौंसी की स्थिति सबसे खराब है, इनके अधिकारियों का वेतन बंद किया गया है। इस विभागीय कार्रवाई के बाद सुस्त विद्यालय प्रधानों में हड़कंप मच गया है।

    वे डाटा को आगे बढ़ाने के लिए तरह-तरह का जुगाड़ लगा रहे हैं। कई बीआरसी ने इस काम को गति देने के लिए बीआरसी में भी शनिवार से कैंप लगाने की तैयारी शुरु कर दी है।

    इसमें बड़ी संख्या में कम्प्यूटर शिक्षकों की ड्यूटी लगाकर काम को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश है। मालूम हो कि सरकारी के साथ सभी निजी विद्यालय में नामांकित शत प्रतिशत बच्चों का आधार नंबर के साथ अपार कार्ड बनना है। निजी विद्यालयों में इसकी गति सबसे सुस्त है। अब विभाग निजी विद्यालयों पर भी कार्रवाई की तैयारी में है।

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    प्रखंड वार बच्चे व अपार आईडी बनने का प्रतिशत

    प्रखंड बच्चों की संख्या अपार आईडी (प्रतिशत में)
    अमरपुर 46607 59
    बांका 49103 60
    बाराहाट 28779 67
    बेलहर 30270 58
    बौंसी 37060 57
    चांदन 33209 68
    धोरैया 44585 65
    फुल्लीडुमर 27440 50
    कटोरिया 39377 58
    रजौन 42746 65
    शंभुगंज 33373 58

    बच्चों का अपार आईडी प्राथमिकता से बनाना है। इसकी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। विद्यालय प्रधान शिक्षकों की सहायता से हर दिन कम से कम 10 बच्चों की आईडी बनाएंगे। इसमें लापरवाही पर 54 प्रधानाध्यापक और प्रखंड स्तरीय अधिकारी से स्पष्टीकरण पूछा गया है। खराब प्रदर्शन वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की बाध्यता है।

    कुंदन कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी

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