गोद में 22 माह की बच्ची को ले बरात में डांस कर रहा था युवक, फिर किया दुष्कर्म; बांका कोर्ट बोला- 25 साल जेल में रहो
बांका के पोक्सो कोर्ट ने 22 माह की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी प्रदीप यादव को 25 साल कठोर कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला फॉरे ...और पढ़ें

रजौन के उपरामा गांव में बरात के दौरान डीजे पर नचाने के बहाने गोद से बच्ची को ले जाकर की थी दरिंदगी, मायागंज में हुआ था इलाज
HighLights
22 माह की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को सजा।
पोक्सो कोर्ट ने सुनाई 25 साल कठोर कारावास की सजा।
एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
संवाद सहयोगी, बांका। बांका के पोक्सो कोर्ट (POCSO Court) ने सोमवार को एक कड़ा और नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने 22 माह की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले दोषी युवक को 25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश स्वर्ण प्रभात की अदालत ने रजौन थाना क्षेत्र के उपरामा गांव निवासी अभियुक्त प्रदीप यादव को दोषी करार देते हुए 25 साल जेल की सजा के साथ एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस जघन्य वारदात को लेकर पीड़िता की मां ने रजौन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
डीजे पर नचाने के बहाने गोद से ले गया था मासूम
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, घटना 27 फरवरी 2023 की है। गांव में बरात जाने की तैयारी चल रही थी और डीजे की धुन पर लोग नाच रहे थे। पीड़िता की मां अपनी 22 माह की मासूम बच्ची को गोद में लेकर घर के दरवाजे पर खड़ी थी। इसी दौरान आरोपी प्रदीप यादव उसकी गोद से बच्ची को लेकर डीजे पर नचाने के बहाने आगे चला गया।
लहूलुहान हाल में छोड़कर भागा
काफी देर तक जब बच्ची नहीं लौटी, तो मां उसे खोजने लगी। करीब एक घंटे बाद आरोपी मासूम को नग्न और लहूलुहान अवस्था में छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्वजन बच्ची को तुरंत रजौन अस्पताल ले गए, जहां गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे भागलपुर के मायागंज अस्पताल (JLNMCH) रेफर कर दिया, जहां उसका लंबा इलाज चला।
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11 गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाया कठोर फैसला
सोमवार को अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध फॉरेंसिक साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त प्रदीप यादव को दोषी पाया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (विशेष पीपी) केशव कुमार मंडल ने 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विकास पांडेय ने बहस में हिस्सा लिया। अदालत के इस कड़े फैसले से पीड़िता के परिवार को न्याय मिला है और पूरे इलाके में पोक्सो कोर्ट के इस रुख की सराहना हो रही है।