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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar News: बिहार के सरकारी स्कूलों में होने जा रहा बड़ा बदलाव, 15 फरवरी से हो जाएगा लागू

Updated: Fri, 14 Feb 2025 04:16 PM (IST)

बिहार के सरकारी स्कूलों में शनिवार यानी 15 फरवरी से मध्याह्न भोजन का मीनू बदल गया है। अब बच्चों को सप्ताह में तीन दिन खिचड़ी मिलेगी। इसके अलावा शुक्रव ...और पढ़ें

बिहार के सरकारी स्कूलों में मिड डे मिल में बदलाव (जागरण)
बिहार के सरकारी स्कूलों में मिड डे मिल में बदलाव (जागरण)

HighLights

  1. मंगलवार को चावल के साथ आलू-सोयाबीन की सब्जी
  2. सप्ताह में दो दिन की बजाय तीन दिन खिचड़ी मिलेगी

संवाद सूत्र, ओबरा (औरंगाबाद)। Bihar News: बिहार के सभी सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बच्चों की शिक्षा के साथ उनके स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जा रहा है। विद्यालय में बनने वाले मध्याह्न भोजन में बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जा रहा है। मीनू में बदलाव होते रहता है। बताया गया कि शनिवार यानी 15 फरवरी से विद्यालयों में मध्याह्न भोजन का मीनू बदल जाएगा। बच्चों को स्वादिष्ट भोजन मिलेगा।

सोमवार  लेकर शनिवार तक मेनू में बदलाव

शिक्षा विभाग द्वारा इससे संबंधित आदेश विद्यालयों भेजा गया है। अब बच्चों को सप्ताह में दो दिन की बजाय तीन दिन खिचड़ी मिलेगी। पहले शनिवार और बुधवार को खिचड़ी दी जाती थी। इसके अलावे शुक्रवार को पुलाव की जगह चावल और चने का छोला दिया जाएगा। बच्चों को मनपसंद भोजन दिए जाने का मीनू तैयार किया गया है।

चावल और चने का छोला दिया जाएगा

विभागीय पत्र के अनुसार पहले शुक्रवार को पुलाव और काबली चना का छोले दिए जाते थे। अब चावल और चने का छोला दिया जाएगा। पुलाव को मीनू से हटा दिया गया है। इसी तरह मंगलवार को जीरा चावल नहीं दिया जाएगा। इसकी जगह चावल के साथ आलू-सोयाबीन की सब्जी दी जाएगी।

सोमवार और गुरुवार को तड़का दाल और चावल मिलेगा परंतु ताड़का में हरी सब्जी मिला होना जरूरी है। मध्य विद्यालय महथू के प्रधानाध्यापक निर्मल कुमार सिन्हा ने बताया कि मीनू मिल गया है। आज से बदलाव किया जाएगा। बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान के साथ बेहतर मध्याह्न भोजन दिया जाएगा।

पटना के सरकारी  स्कूलों में खेल के मैदान का होगा विकास

पटना जिले के सरकारी स्कूलों से भी प्रतिभावान खिलाड़ी निकले इसके लिए खेल मैदान को ठीक करने की तैयारी चल रही है। जिले में बहुत सारे स्कूलों में खेल मैदान तो हैं, लेकिन देख-रेख नहीं होने के कारण मैदान में कूड़ा-कचरा का अंबार लगता रहता है या इसका उपयोग स्थानीय लोग करते हैं।

जिला शिक्षा कार्यालय ने जिले में 29 स्कूलों को चिह्नित किया है जिसको खेलने लायक बनाया जाएगा। स्कूलों में अभी परीक्षा केंद्र होने के कारण खेल मैदान विकसित करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई गई है। खेल मैदान को विकसित करने का काम मार्च से शुरू किया जाएगा।

इंडोर गेम को दिया जाएगा बढ़ावा

राजधानी में स्थित कुछ स्कूलों को छोड़ दें तो क्रिकेट खेलने के लायक मैदान बहुत कम है। इसको देखते हुए विभाग ने इंडोर गेम को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इस स्तर पर बच्चों का चयन भी किया जा रहा है। इंडोर गेम में फुटबाल, बालीबाल, दौड़, साइकिलिंग, कबड्डी जैसे खेल शामिल किए गए हैं।

इन स्कूलों में है क्रिकेट ग्राउंड

राजधानी स्थित पटना कालेजिएट स्कूल में क्रिकेट ग्राउंड है। यह मैदान चार एकड़ में फैला है। इसे सुरक्षित करने के लिए स्कूल प्रशासन की ओर से घेराबंदी की जा रही है। पटना हाई स्कूल, गर्दनीबाग का खेल मैदान छह एकड़ में फैला है। इस मैदान का स्कूल के बच्चों से अधिक स्थानीय लोग उपयोग करते हैं।

मिलर हाई स्कूल, वीरचंद पटेल पथ का खेल मैदान भी चार एकड़ में है। इस मैदान का उपयोग अधिकतर रैली और मेले के लिए किया जाता है। राजेंद्र बालक उच्च माध्यमिक स्कूल का खेल मैदान सुरक्षित है। यह स्कूल कैंपस में ही है और चारदीवारी से घिरा है। इसकी लंबाई-चौड़ाई चार एकड़ से अधिक है।

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