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फारब‍िसगंज गैस स‍िलेंडर Black Marketing: ढोलबज्जा में 98 गैस सिलेंडर बरामद, 6 माह में दूसरी बार पकड़ा गया बड़ा रैकेट

Published: Fri, 28 Aug 2026 08:35 PM (IST)

फारबिसगंज के ढोलबज्जा में 98 गैस सिलेंडर जब्त किए गए, जो छह माह में दूसरी बड़ी अवैध जमाखोरी है। इस ...और पढ़ें

ढोलबज्जा में सुनील साह के आवासीय परिसर से इंडेन, भारत और एचपी के 98 अवैध रसोई गैस सिलेंडर बरामद; एमओ के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज

ढोलबज्जा में सुनील साह के आवासीय परिसर से इंडेन, भारत और एचपी के 98 अवैध रसोई गैस सिलेंडर बरामद; एमओ के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज

HighLights

  1. फारबिसगंज के ढोलबज्जा से 98 गैस सिलेंडर जब्त।

  2. छह माह में दूसरी बार अवैध जमाखोरी का खुलासा।

  3. गैस एजेंसी संचालकों और विभाग पर मिलीभगत का आरोप।

संवाद सूत्र, फारबिसगंज (अररिया)। फारबिसगंज अनुमंडल क्षेत्र में विगत छह माह के भीतर दूसरी बार भारी मात्रा में रसोई गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फारबिसगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत हटिया चौक ढोलबज्जा में 27 अगस्त को सुनील कुमार साह के आवासीय परिसर से अवैध रूप से भंडारित 98 रसोई गैस सिलेंडरों की जब्ती के बाद अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका की गहन जांच शुरू हो गई है।

जानकारों के अनुसार, इस इलाके में अवैध भंडारण का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व 12 मार्च को भी प्रशासन ने शहर के पोखर बस्ती (वार्ड संख्या 15) में छापेमारी कर साबिर अंसारी और उनके पुत्र इमरान अंसारी के यहां से 250 घरेलू व व्यावसायिक सिलेंडर बरामद किए थे। उस समय भी प्राथमिकी दर्ज हुई थी, लेकिन ठोस व सख्त कार्रवाई के अभाव में कालाबाजारी का यह धंधा बदस्तूर जारी रहा।

चार स्तरों पर मिलीभगत की आशंका, जांच के घेरे में एजेंसियां

आपूर्ति विभाग से जुड़े सूत्रों का मानना है कि बिना संगठित सिंडिकेट और अंदरूनी मिलीभगत के इतनी बड़ी तादाद में तीनों प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियों (इंडेन, भारत और एचपी) के घरेलू सिलेंडरों का एक जगह जमा होना नामुमकिन है। प्राथमिक जांच में चार स्तरों पर सांठगांठ की आशंका जताई जा रही है:

  • गैस एजेंसी संचालक: एक साथ तीनों कंपनियों के भरे व खाली सिलेंडर मिलने से एजेंसियों के स्टॉक और वितरण रजिस्टर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारों का कहना है कि पिछले तीन माह के वितरण पंजी (डिस्ट्रीब्यूशन रजिस्टर) के मिलान से बड़ा खुलासा हो सकता है।

  • डिलीवरी वेंडर और बिचौलिए: आशंका है कि नियमित उपभोक्ताओं के नाम पर जारी होने वाले सिलेंडरों की होम डिलीवरी न कर उन्हें सीधे कालाबाजारियों को ऊंचे मुनाफे पर बेच दिया जाता है।

  • होटल और मैरिज हॉल संचालक: व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों की भारी खपत होती है, जिससे संचालकों को बड़ी बचत होती है और कालाबाजारी को बढ़ावा मिलता है।

  • विभागीय निगरानी पर उठे सवाल, आरोपित की तलाश जारी

    लगातार हो रही इन बरामदगियों ने स्थानीय आपूर्ति विभाग की नियमित जांच और फील्ड मॉनिटरिंग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। छापेमारी के बाद से ही मुख्य आरोपित सुनील साह घर छोड़कर फरार है।

    "प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (MO) के लिखित आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपित की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।"


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    — मनोज कुमार, थानाध्यक्ष, फारबिसगंज

    "कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। मामले में चाहे गैस एजेंसी संचालक हों या कोई अन्य बिचौलिया, जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
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    — अभय कुमार तिवारी, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), फारबिसगंज