अररिया हत्याकांड: छाती पर बैठकर बीच सड़क काट रहा था गर्दन, लोग बना रहे थे वीडियो
फारबिसगंज में एक व्यक्ति ने दूसरे का गला रेतकर हत्या कर दी, जबकि भीड़ बचाने के बजाय वीडियो बनाती रही। रवि चौहान ने नबी हुसैन की सरेआम हत्या की। यह घटन ...और पढ़ें

छाती पर बैठकर बीच सड़क काट रहा था गर्दन, लोग बना रहे थे वीडियो (जागरण)

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रूपेश कुमार, फारबिसगंज (अररिया)। एक वक्त था जब लोग किसी को मुसीबत में देखकर उसकी मदद करते थे, लेकिन अब वही लोग जेब से फोन निकालकर घटना का वीडियो बनाने लगते हैं।
कुछ ऐसा ही दिखा गुरुवार को कृषि बाजार समिति की मुख्य सड़क के पास, जहां रवि चौहान नाम के शख्स ने नबी हुसैन को बीच सड़क पर पहले बुरी तरह पीटा और फिर जमीन पर लेटा कर गला रेता। वो तब तक उसका गला रेतता रहा, जबतक उसका सिर धड़ से अलग नहीं हो गया।
इसके बाद उसने उसका सिर सड़क पर रख दिया। बीच सड़क पर बेरहमी से युवक की हत्या कर दी गई, लेकिन लोग उसे बचाने और मदद की बजाय तमाशा देख वीडियो बनाते रहे।
इस दौरान बाइक व पैदल लोगों की आवाजाही जारी रही, यदि किसी ने भी जान बचाने की कोशिश की होती तो शायद आज दो लोगों की जानें नहीं जाती।
वारदात को अंजाम देने वाला रवि चौहान है, जो सत्तू की दुकान चलाता था। घटना का वीडियो भी बनाकर लोग सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। रवि गला रेतकर करीब 4 से 5 मिनट तक घटना स्थल पर हाथों में चाकू लेकर खड़ा रहा।
छाती पर बैठकर चाकू से गला काटता रहा
बीच सड़क चाकू से गला काटने का 25 से 35 सेकेंड का वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें नबी जमीन पर लेटा दिख रहा है। रवि उसकी छाती पर चढ़कर गला रेत रहा है।
इस दौरान आते-जाते लोग रास्ता बदल लेते हैं। कुछ भागकर दूर चले जाते हैं, लेकिन कोई उसे बचाने की कोशिश नहीं करता।
भाई बोला- हत्या का बदला हत्या
मृतक नबी के भाई मोहम्मद अली हुसैन ने बताया कि नबी पिकअप चलाकर अपने तीन बच्चों और परिवार का पालन पोषण करता था। उसका पहले से कोई विवाद नहीं था। मुझे भाई के बदले भाई चाहिए, नहीं तो सब्जी मंडी में आग लगा देंगे।
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इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना
ई. आयुष अग्रवाल ने कहा कि फारबिसगंज में हुई घटना एक ओर जहां इंसानियत को शर्मसार करने जैसी है वहीं दूसरी ओर प्रशासन के इकबाल को भी खुले रूप से आइना दिखाने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि घटना निंदनीय है। जिम्मेदारियों का तय होना जरूरी है। प्रशासन से मांग है कि निष्पक्ष जांच हो, ताकि भविष्य में इस तरीके की घटना दोबारा न हो।